बिहार विधानमंडल के मॉनसून सत्र के दौरान बिहार कृषि विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक 2025 पेश किया गया। इस विधेयक से राज्य में कृषि शिक्षा,अनुसंधान एवं विस्तार प्रणाली को और अधिक पारदर्शी एवं विश्वसनीय बनाने में मदद मिलेगी।
संशोधन के बाद शिक्षण,शोध एवं विस्तार शिक्षा से संबंधित पदों का सृजन होगा। इन पदों पर नियुक्ति बिहार लोक सेवा आयोग से होगी।

डिप्टी सीएम सह कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने विधानसभा सत्र के दौरान कहा कि राज्य सरकार ने बिहार कृषि विश्वविद्यालय अधिनियम 2010 के अध्याय 2 की धारा 7 (11 एवं 12) में संशोधन को आवश्यक समझा है। इस विधेयक के पारित होने से नियुक्ति की प्रक्रिया पारदर्शी होगी।
प्रशासनिक,तकनीकी,गैर तकनीकी एवं अराजपत्रित पदों का सृजन भी राज्य सरकार की अनुमति से होगी। इन पदों पर नियुक्ति बिहार लोक सेवा आयोग,बिहार तकनीकी सेवा आयोग और बिहार कर्मचारी चयन आयोग के माध्यम से होगी।
किसी पद पर नियुक्ति का प्रस्ताव संबंधित आयोग को भेजने से पहले कृषि विभाग से अनुमति लेना अनिवार्य होगा।