एशिया रग्बी (अंडर-20) चैंपियनशिप 2025 के शुभंकर एवं लोगो का अनावरण मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक अणे मार्ग में किया। चैंपियनशिप का आयोजन 9 और 10 अगस्त को राजगीर में होगा। बिहार पहली बार इसका आयोजन कर रहा है। इस मौके पर रग्बी इंडिया के अध्यक्ष राहुल बोस, रग्बी एथलीट आरती सिन्हा और गौरव कुमार भी मौजूद रहे।
इसमें 8 पुरुष और 8 महिला टीम शामिल होंगे। भारत, हांगकांग, चीन, संयुक्त अरब अमीरात, उज्बेकिस्तान, कजाकिस्तान, श्रीलंका, मलेशिया (केवल पुरुष) और नेपाल (केवल महिला) देश भाग ले रहे हैं।

शुभंकर ‘अशोक’ का नाम सम्राट अशोक से प्रेरित है। यह नेतृत्व, दूरदृष्टि और परिवर्तन का प्रतीक है। यह नाम केवल गौरवशाली इतिहास का स्मरण नहीं दिलाता बल्कि खेल की उन मूल भावनाओं का प्रतिनिधित्व करता है जो अनुशासन, साहस और संकल्प से जुड़ा है।
अशोक को एक खरगोश के रूप में तेज और सतर्क रूपांकित किया गया है। रग्बी जैसे तेज गति के खेल में यही गुण सबसे अहम होते हैं। खिलाड़ियों की चुस्ती और गति, खेल की रफ्तार और रणनीति की सटीकता का प्रतीक है।

अशोक का कवच, शिरस्त्राण और ढाल उसकी तैयारी, आत्मबल और मानसिक दृढ़ता का प्रतीक हैं। हाथ में पकड़ा रग्बी बॉल यह बताता है कि अब उसका युद्ध का मैदान खेल है, जहां हर कदम पर साहस, दृढ़ता और रणनीति की जरूरत है। अशोक सिर्फ एक शुभंकर नहीं है। वह एक संदेश है कि बिहार अब केवल इतिहास में नहीं, खेल के भविष्य में भी नेतृत्व करेगा।
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार के खिलाड़ी रग्बी में बेहतर प्रदर्शन करते हुए बहुत तेजी से राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं। रग्बी खेल बिहार में काफी लोकप्रिय है। इस खेल के आयोजन से युवाओं में अच्छा संदेश जाएगा।