मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पुलों के रखरखाव में लापरवाही करने वाले अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा है कि हर हाल में यात्रियों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान रखें। राज्य के सभी बड़े पुलों का एसओपी के तहत ऑडिट कराएं।
मुख्यमंत्री ने भागलपुर स्थित विक्रमशिला सेतु के एक स्पैन के क्षतिग्रस्त होने और उसके बाद की गई कार्रवाई को लेकर बैठक की। इस दौरान उन्होंने कई निर्देश दिए। मुख्यमंत्री के साथ डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी और विजेंद्र प्रसाद यादव भी थे।

सीएम ने कहा कि विक्रमशिला सेतु के समानांतर बनने वाले 4 लेन ब्रिज का निर्माण तेजी से पूरा करें। इस दौरान भागलपुर और नवगछिया दोनों तरफ सुरक्षा व्यवस्था और वाहनों का प्रवेश वर्जित रखें। नाव से आवागमन में एसओपी का ठीक से पालन होना चाहिए।
बैठक में पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल ने बताया कि लापरवाही के आरोप में राष्ट्रीय उच्च पथ, भागलपुर के कार्यपालक अभियंता को निलंबित कर दिया गया है।
जिला और पुलिस प्रशासन की मुस्तैदी से किसी तरह का नुकसान नहीं हुआ है। दुर्घटना के कारणों की जांच के लिए बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड के एमडी, आईआईटी पटना और एनआईटी पटना की टीम भागलपुर गई है। पैदल यात्री और दो पहिया वाहन चालकों के लिए राज्य सरकार शीघ्र मुफ्त स्टीमर सेवा शुरू करेगी।