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कंपोजिट स्कीम की सीमा डेढ़ करोड़ करने की अनुशंसा : मोदी

पटना । जीएसटी के अंतर्गत कंपोजिट स्कीम के करदाताओं को बड़ी राहत देने की अनुशंसा की गई है। कंपोजिट स्कीम की सीमा एक करोड़ से बढ़ाकर डेढ़ करोड़ करने का सुझाव दिया गया है। हालांकि अंतिम निर्णय 10 नवंबर को गुवाहाटी में आयोजित जीएसटी काउंसिल की बैठक में होगा। रविवार को असम के वित्तमंत्री हेमंत विश्वकर्मा की अध्यक्षता में मंत्री समूह की बैठक नई दिल्ली के असम भवन में हुई।   
उपमुख्यमंत्री सह वित्त मंत्री सुुशील कुमार मोदी ने बताया कि बैठक में कंपोजिट स्कीम की सीमा एक करोड़ से बढ़ाकर डेढ़ करोड़ करने की अनुशंसा की गई है। साथ ही कंपोजिट में शामिल मैन्युफैक्चरर्स की सकल बिक्री पर दो की जगह एक प्रतिशत, रेस्तरां के लिए पांच की जगह एक प्रतिशत और ट्रेडर्स के लिए एक की जगह 0.5 प्रतिशत कर भुगतान का सुझाव दिया गया है। वैसे कंपाउंडिंग डीलर, जो कर मुक्त सामान की बिक्री पर कोई टैक्स नहीं देते हैं उन्हें कर युक्त सामान की बिक्री पर एक प्रतिशत कर भुगतान की अनुशंसा की गई है। 
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि कंपाउंडिंग स्कीम में शामिल मैन्युफैक्चरर्स और ट्रेडर्स को अंतर राज्य बिक्री की अनुमति देने का सुझाव दिया गया है। सभी एसी और नाॅन एसी रेस्तरां पर इनपुट टैक्स क्रेडिट के साथ 12 प्रतिशत एवं फाइव स्टार होटलों के लिए 18 फीसदी टैक्स दर की अनुशंसा की गई है। साथ ही सभी करदाताओं को मासिक कर भुगतान एवं तिमाही विवरणी दाखिल करने का सुझाव भी दिया गया है। 
मंत्री समूह ने जहां रिटर्न एचएसएन कोड एवं इनवाॅयस मैचिंग की सरलीकरण की अनुशंसा की है, वहीं विलंब से रिटर्न दाखिल करने वालों के लिए विलंब शुल्क की राशि प्रतिदिन 200 रुपये से घटाकर 50 रुपये करने का सुझाव दिया है।  


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