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जीएसटी दिवस पर बिहार के करदाताओं को मिला भामाशाह सम्मान 

बिहार सरकार ने जीएसटी दिवस पर भामाशाह सम्मान की शुरुआत की। पटना के अधिवेशन भवन में आयोजित कार्यक्रम में राज्य के बड़े करदाताओं को सम्मानित किया गया। 

सर्वाधिक टैक्स देने वाले उपक्रम : इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (टैक्स 5083 करोड़ रुपये), भारत पेट्रोलियम (2572 करोड़), हिंदुस्तान पेट्रोलियम (1885 करोड़), एनटीपीसी (606 करोड़), अल्ट्राटेक सीमेंट (303 करोड़) और श्री सीमेंट (255 करोड़ रुपये)।

डिप्टी सीएम सह वित्त मंत्री सम्राट चौधरी ने इन कंपनियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि सीमेंट कंपनियों का टैक्स बिहार के औद्योगिक विकास का संकेत है। 

राज्य के 59 अंचलों से चयनित नॉन कॉरपोरेट श्रेणी के शीर्ष करदाताओं को भी सम्मानित किया गया। इन्हें 51,000 रुपये, 21,000 रुपये और 11,000 रुपये की पुरस्कार राशि दी गई। 

वित्तीय वर्ष 2024-25 में स्टेट जीएसटी (एसजीएसटी) कलेक्शन में तेघड़ा अंचल को पहला, भभुआ अंचल को दूसरा और दरभंगा अंचल-1 को तीसरा स्थान मिला। जीएसटी संग्रह में पटना दक्षिणी अंचल-1, जमुई अंचल और दानापुर अंचल-1 क्रमशः पहले, दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे। 

कर अपवंचना की रोकथाम के लिए जीएसटी अन्वेषण ब्यूरो को भी विशेष सम्मान मिला। 

8वें जीएसटी दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में सम्राट चौधरी ने बताया कि वर्ष 2017-18 में राज्य का जीएसटी संग्रह 20,000 करोड़ रुपये था। यह अब 41,623 करोड़ रुपये पहुंच गया है। 

जीएसटी लागू होने से पहले बिहार जैसे राज्यों को कर राजस्व का लाभ सीमित रूप में मिलता था। अब डिजिटल प्रणाली के कारण लगभग 30,000 करोड़ रुपये का लाभ मिल रहा है। जीएसटी ने भारत को एक राष्ट्र, एक कर की दिशा में मजबूत बनाया है। यह व्यवस्था अब देश की आर्थिक रीढ़ बन गई है। 
 


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