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राजस्व संग्रह लक्ष्य को पार करें वाणिज्य कर अधिकारी 

पटना । उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने वाणिज्य कर अधिकारियों को राजस्व संग्रह लक्ष्य प्राप्त करने के लिए सूबे के बड़े करदाताओं पर फोकस करने का निर्देश दिया। जीएसटी लागू होने के पहले अप्रैल से जून 2017 तक 4,413 करोड़ एवं जीएसटी लागू होने के बाद जुलाई 2017 से फरवरी 2018 तक 13,658 करोड़ रुपये राजस्व संग्रह हुआ है। अधिकारी वित्त वर्ष के बचे दिनों में प्रयास कर 20 हजार करोड़ के राजस्व संग्रह लक्ष्य को पार करें। पुराना सचिवालय के पीछे वाणिज्य कर विभाग के नये भवन के उद्घाटन के बाद समीक्षा बैठक में मोदी वाणिज्य कर अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। 

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि वैट व्यवस्था के अंतर्गत 2016-17 में राज्य के 597 बड़े कारोबारी जिनका वार्षिक टर्न ओवर 50 से लेकर 500 करोड़ से अधिक था, से राजस्व का 73 फीसदी संग्रह हुआ था। इनमें 500 करोड़ से अधिक का कारोबार करने वाले 36 कारोबारियों से 47 प्रतिशत, 200 से 500 करोड़ का कारोबार करने वाले 95 से 11.57 प्रतिशत, 100 से 200 करोड़ के 154 कारोबारियों से 6.93 प्रतिशत और 50 से 100 करोड़ तक के 312 कारोबारियों से मात्र 6 प्रतिशत राजस्व की प्राप्ति हुई थी। 

50 हजार से अधिक मूल्य के अंतर राज्य माल परिवहन के लिए ई-वे बिल की व्यवस्था पहली अप्रैल से बिहार सहित पूरे देश में लागू हो रही है। बिल जेनरेट होने में किसी परेशानी के निराकरण के लिए वाणिज्य कर विभाग के अंतर्गत हेल्प डेस्क का गठन किया गया है। अप्रैल के अंतिम सप्ताह में राज्य के अंदर भी माल परिवहन के लिए ई-वे बिल की व्यवस्था चरणबद्ध तरीके से लागू की जायेगी।  
 


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