नई दिल्ली। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने निर्धारण वर्ष 2021-22 के लिए आयकर रिटर्न फॉर्म (आईटीआर फॉर्म) को अधिसूचित कर दिया है। कोविड महामारी के कारण जारी संकट एवं करदाताओं की सुविधा के लिए पिछले वर्ष के आईटीआर फॉर्म की तुलना में इस वर्ष के आईटीआर फॉर्म में कोई महत्वपूर्ण बदलाव नहीं किया गया है। आयकर अधिनियम 1961 में संशोधनों के कारण केवल कुछ न्यूनतम परिवर्तन किए गए हैं।
आईटीआर 1 (सहज) और आईटीआर 4 (सुगम) आसान फॉर्म हैं। 50 लाख रुपए तक की आय वाला एक व्यक्ति जो इस आय को वेतन, एक घर की संपत्ति एवं अन्य स्रोत (ब्याज आदि) से प्राप्त करता है, सहज फॉर्म भर सकता है। इसी तरह व्यापार और कार्यक्षेत्र से हुई अनुमानित आय की गणना के प्रावधानों के तहत 50 लाख रुपए से अधिक आय रखने वाले, हिंदू अविभाजित परिवार (एचयूएफ) और फर्म (एलएलपी के अलावा) सुगम के माध्यम से आईटीआर भर सकते हैं।
व्यवसाय से आय न प्राप्त करने वाले और एचयूएफ आईटीआर-2 दाखिल कर सकते हैं जबकि व्यवसाय या पेशे से आय रखने वाले व्यक्ति आईटीआर 3 दाखिल कर सकते हैं। व्यक्तिगत, एचयूएफ और कंपनियों के अलावा अन्य व्यक्ति अर्थात साझेदारी फर्म, एलएलपी आदि आईटीआर फॉर्म-5 दाखिल कर सकते हैं। कंपनियां आईटीआर 6, ट्रस्टी, राजनीतिक दल एवं धर्मार्थ संस्थाएं आईटीआर-7 दाखिल कर सकती हैं।