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बिहार हित में जल संसाधनों का बेहतर प्रबंधन जरूरी : सीएम सम्राट

बिहार के हित में जल संसाधनों का बेहतर प्रबंधन जरूरी है। दिसंबर 2026 में बांग्लादेश के साथ होने वाले फरक्का जल संधि (गंगा जल बंटवारा) में बिहार की आवश्यकताओं को शामिल कराने का प्रयास होगा। इससे बिहार जरूरत के समय अपने हिस्से के पानी का उपयोग कर सकेगा। 

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मुंगेर जिला के हवेली खड़गपुर स्थित गंगटा मोड़ पर एक कार्यक्रम के दौरान यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि 12 दिसंबर 1996 को भारत और बांग्लादेश के बीच हुए समझौते के तहत गंगा नदी का पानी हमलोग (बिहार) सिर्फ चार महीने जुलाई से अक्टूबर में ही ले सकते हैं। 

इस बार बांग्लादेश के साथ जल संधि में बिहार के हित का ध्यान रखना होगा ताकि पूरे साल गंगा के पानी का हमलोग इस्तेमाल कर सकें। 10 दिन पहले केंद्र सरकार की पहल पर बिहार और झारखंड के बीच 25 वर्षों से लंबित सोन नदी के पानी का बंटवारा हो गया। 

सीएम ने कहा कि बिहार के 13 जिलों की 30 लाख आबादी बाढ़ से प्रभावित है। सरकार की तरफ से राहत कार्य जारी है। बक्सर से भागलपुर तक गंगा के पानी को बांधना है। बक्सर से शुरू होकर भागलपुर में गंगा की धारा काफी चौड़ी हो जाती है। इसे ठीक करना है, तभी बाढ़ से राहत मिलेगी। साथ ही फरक्का बैराज तक गंगा में जमे सिल्ट का भी समाधान निकालना होगा।

इस मौके पर सम्राट चौधरी ने 150 करोड़ की लागत से मुंगेर-जमुई वन क्षेत्र को विकसित करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि भीम बांध का ऐतिहासिक एवं प्राकृतिक महत्व है। पर्यटकों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर की संरचनाएं विकसित होंगी। जंगल में मनोरंजन एवं होटल की सुविधाएं उपलब्ध होंगी। 

कार्यक्रम को गन्ना उद्योग मंत्री सह मुंगेर जिला के प्रभारी मंत्री संजय कुमार, समाज कल्याण मंत्री डॉ श्वेता गुप्ता और पथ निर्माण मंत्री कुमार शैलेंद्र ने भी संबोधित किया।


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