केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (सीजीएसटी) ने लौह एवं इस्पात के कारोबार से जुड़े एक कंपनी के मालिक को गिरफ्तार किया है। कंपनी ने लगभग 140.14 करोड़ रुपये के फर्जी चालान के जरिए 25.22 करोड़ रुपए से अधिक के इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का लाभ उठाया था।
सीजीएसटी दिल्ली की जांच में यह जानकारी मिली कि कंपनी ने कई फर्मों से जारी बिल के आधार पर अमान्य आईटीसी का लाभ लिया है। इन फर्मो में कई निष्क्रिय, निलंबित और रद्द मिलीं। कुछ आपूर्तिकर्ताओं के घोषित व्यापारिक जगहों पर कोई कारोबारी गतिविधि नहीं थी।
केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर अधिकारियों का कहना है कि आईटीसी दावों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। लौह एवं इस्पात से जुड़ी कंपनी के मालिक को कोर्ट ने 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा है। इस कंपनी ने माल की वास्तविक प्राप्ति के बिना ही आईटीसी का लाभ लिया था।