पटना । वैसे छात्र जिन्होंने चयनित 11 स्कूलों सेे प्लस टू (कृषि) में पढ़ाई की है। उनके लिए अच्छी खबर है। इन छात्रों के लिए बीएससी (एग्रीकल्चर) में एडमिशन के लिए होने वाली प्रतियोगिता परीक्षा में 50 फीसदी सीट रिजर्व रहेगा। कृषि प्रधान राज्य होने के कारण सरकार ने कृषि की पढ़ाई को बढ़ावा देने के लिए यह व्यवस्था की है। सूबे के छह एग्रीकल्चर काॅलेजों में करीब 300 सीट है।
इन जगहों पर है एग्रीकल्चर काॅलेज : सबौर (भागलपुर), सहरसा, पूर्णिया, किशनगंज, डुमरांव (बक्सर) एवं नूरसराय (नालंदा)।
सरकार ने 2015 में सूबे के 11 उच्चतर माध्यमिक स्कूलों में कृषि की पढ़ाई शुरू की थी। छात्रों का पहला बैच 2017 में पासआउट हो गया। अब ये छात्र बीएससी एग्रीकल्चर की तैयारी में हैं।
इन प्लस टू स्कूलों में हो रही कृषि की पढ़ाई : राजकीय त्रिभुवन उच्च विद्यालय, नौबतपुर (पटना), राजकीय उच्च विद्यालय तुर्की (मुजफ्फरपुर), राजकीय उच्च विद्यालय कोलहंटा पटोरी (दरभंगा), राजकीय उच्च विद्यालय जेठियन (गया), राजकीय उच्च विद्यालय, भगवानपुर रत्ती (वैशाली), राजकीय उच्च विद्यालय, कुमारबाग (बेतिया), राजकीय उच्च विद्यालय, श्रीनगर (पूर्णिया), राजकीय उच्च विद्यालय, कोढ़ा (कटिहार), राजकीय उच्च विद्यालय, वीरपुर (सुपौल), राजकीय उच्च विद्यालय, हवेली खड़गपुर (मुंगेर), राजकीय उच्च विद्यालय, लथलथ (जमुई) ।