नई दिल्ली/एजेंसी। अगर किसी ने शेयर मार्केट में एक साल में 10 लाख रुपये से ज्यादा का इन्वेस्टमेंट किया है, तो उसे इनकम टैक्स विभाग का नोटिस मिल सकता है। उसको इस इन्वेस्टमेंट की पूरी जानकारी देनी होगी। जानकारी सही न होने पर उसके खिलाफ ब्लैक मनी कानून के तहत कार्रवाई होगी। दरअसल, मोदी सरकार की स्टॉक मार्केट के जरिए ब्लैकमनी खपाने वालों पर नजर हैं। अब इनकम टैक्स विभाग की रडार पर वे लोग हैं, जिन्होंने एक साल के भीतर शेयर मार्केट में 10 लाख रुपये से ज्यादा का इन्वेस्टमेंट किया है। इनकम टैक्स विभाग ने ऐसे लोगों की लिस्ट तैयार की है। यह लिस्ट कंपनियों और बीएसई से प्राप्त निवेश के ब्योरा से तैयार की है। इन लोगों की आमदनी और इन्वेस्टमेंट जांच होगी। कोई भी गड़बड़ी पाए जाने पर तुरंत कार्रवाई होगी।
इनकम टैक्स विभाग का कहना कि अगर जांच में यह पाया गया कि शेयर मार्केट में एक साल में 10 लाख रुपये निवेश करने वाले व्यक्ति ने इनकम टैक्स रिटर्न फाइल नहीं किया है या इस पर टैक्स नहीं दिया है, तो विभाग उस व्यक्ति को नोटिस देकर इनकम के बारे में पूछताछ करेगा। सही जानकारी न मिलने पर उस व्यक्ति के खिलाफ टैक्स चोरी और ब्लैक मनी कानून के तहत कार्रवाई होगी।
सरकार को इस बात का शक है कि बहुत से लोग स्टॉक मार्केट में शेयर, डिबेंचर, बॉन्ड और बायबैक के जरिए ब्लैक मनी खपा रहे हैं। ऐसे लोगों पर एक्शन के लिए कॉरपोरेट अफेयर्स मिनिस्ट्री ने सभी कंपनियों को अडवाइजरी जारी की थी। इस आधार पर कंपनियों को 10 लाख रुपए से ज्यादा के शेयर मार्केट में इन्वेस्टमेंट करने वालों की लिस्ट इनकम टैक्स विभाग को ऑनलाइन अपडेट करनी थी। हालांकि, इसके तहत रिन्यूअल के जरिए मिले अमाउंट को नहीं शामिल किया गया है।