पटना। सूबे में एक लाख 85 हजार जीएसटी करदाता हैं। जीएसटी लागू होने के पहले माह में 72 फीसदी यानी एक लाख 35 हजार करदाताओं ने रिटर्न फाइल किया। अगस्त में 55 और सितंबर में मात्र 41 फीसदी ने रिटर्न दाखिल किया। सरकार रिटर्न फाइल करने में आ रही परेशानियों को देखते हुए फाॅर्म को सरल करेेगी। विलंब शुल्क को समाप्त कर दिया गया है। जुलाई, अगस्त एवं सितंबर का विलंब शुल्क वापस होगा। उक्त जानकारी उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने सूबे के हर जिले से आए व्यापारी प्रतिनिधियों को दी। कारोबारी जीएसटी नेटवर्क की परेशानियों को बता रहे थे।
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि जीएसटी काउंसिल करदाताओं को हर संभव राहत देने के लिए प्रयासरत है। कंपोजिट स्कीम में शामिल कारोबारियों के टर्नओवर की सीमा डेढ़ करोड़ हो सकती है। निबंधन में संशोधन के लिए कोर और नन कोर क्षेत्र में सुविधा शुरू कर दी गई है। जीएसटी-2 आॅफ लाइन वर्जन के तहत करदाता बिना इंटरनेट के जीएसटीआर-2 का मिलान कर सकते हैं। स्वीकार, अस्वीकार या संशोधन के बाद इंटरनेट उपलब्ध होने पर अपलोड कर सकते हैं। कंपाउंडिंग स्कीम के करदाताओं को टैक्स देने के विकल्प की सुविधा 31 मार्च तक दी गई है। उन्होंने कहा कि 1.5 करोड़ तक एडवांस रिसिट पर बिक्री के समय ही कर देना होगा। 31 मार्च, 2018 तक रिवर्स चार्ज मैकेनिज्म को स्थगित कर दिया गया है। 20 लाख तक के सेवा प्रदाता को अंतर राज्य कर योग्य सर्विस के बावजूद निबंधन की जरूरत नहीं होगी। मौके पर वाणिज्य कर विभाग की प्रधान सचिव सुजाता चतुर्वेदी समेत विभाग के अधिकारी मौजूद थे।