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प्लास्टिक उद्योग में करें निवेश, कम पूंजी में कमाएं अधिक मुनाफा 

पटना । प्लास्टिक उद्योग में अपार संभावनाएं हैं। इस क्षेत्र में कम पूंजी में अधिक मुनाफा है। राष्ट्रीय स्तर पर यह उद्योग सालाना 15-16 फीसदी बढ़ रहा है। बिहार भी इस क्षेत्र में अच्छा कर रहा है। जीएसटी में कमी से बिहार में प्लास्टिक उद्योग को और बढ़ावा मिलेगा। उक्त जानकारी इंडियन प्लास्टिक फेडरेशन के अध्यक्ष आलोक टिबरेवाल ने दी। गांधीनगर, गुजरात में 7 से 12 फरवरी 2018 में होने वाले प्लास्ट इंडिया 2018 के प्रोमोशन के लिए पटना में थे। 

आलोक ने प्लास्ट इंडिया 2018 में शिरकत करने के लिए कारोबारियों से अपील की। उन्होंने कहा कि वर्तमान में यह उद्योग 2 लाख 10 हजार करोड़ का है। एमएसएमई मंत्रालय भी इस क्षेत्र के लिए लोन सीमा बढ़ा रहा है। कृषि प्रधान राज्य होने के कारण बिहार में इस उद्योग के बढ़ने की और भी संभावनाएं हैं। हर कृषि उपकरण में प्लास्टिक का इस्तेमाल हो रहा है। वैसे प्लास्टिक जो पर्यावरण के अनुकूल नहीं हैं। उनका प्रतिशत काफी कम यानी 1.25 फीसदी है। 

प्लास्ट इंडिया 2018 के सह अध्यक्ष अजय देशाई ने कहा कि यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा प्लास्टिक व्यापार मेला होगा। इसमें दो लाख से अधिक उद्योगपति शामिल होंगे, जिनमें 48 देशों के उद्योगपति भी आएंगे। प्रदर्शनी में सम्मेलन और विचार गोष्ठी के माध्यम से ज्ञान का आदान-प्रदान होगा। 

बिहार चैंबर ऑफ काॅमर्स के अध्यक्ष पीके अग्रवाल ने कहा कि बिहार में प्लास्टिक उद्योग के लिए आवश्यक संसाधन बिजली, पानी और श्रम बल मौजूद है। इस दिशा में इंडियन प्लास्टिक फेडरेशन से लगातार बातचीत करने की जरूरत है। उम्मीद जतायी कि राज्य सरकार का भी सहयोग मिलेगा।  

बिहार उद्योग संघ के अध्यक्ष केपीएस केशरी ने कहा कि बिहार में भी आगे बढ़ने की क्षमता है। बिजनस टू बिजनस रिलेशन डेवलप करने की जरूरत है। बीआईए भी एक्सपो 2018 का आयोजन कर रहा है। पूर्व अध्यक्ष राम लाल खेतान ने कहा कि प्लास्टिक सेक्टर काफी बड़ा है। इस क्षेत्र की सभी जानकारी के लिए गांधीनगर में होने वाले प्लास्ट इंडिया 2018 में शामिल होना चाहिए। फेडरेशन के रोहित ने भी अपने विचारों को रखा। 

पीएचडी चैंबर ऑफ काॅमर्स एंड इंडस्ट्री पटना के अध्यक्ष सत्यजीत सिंह ने बताया कि बिहार में बेहतर स्कील है। प्लास्टिक उद्योग में कम पूंजी में बेहतर काम हो सकता है।         
 


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