नई दिल्ली/एजेंसी। सरकार ने जीएसटीएन के चेयरमैन अजय भूषण पांडे की अध्यक्षता में एक समिति गठित की है। समिति चालू वित्त वर्ष में रिटर्न फाइलिंग की जरूरतों पर विचार करेगी। समिति में गुजरात, कर्नाटक, पंजाब व आंध्र प्रदेश के टैक्स कमिश्नर शामिल हैं। समिति अपनी रिपोर्ट 15 दिसंबर तक देगी।
पांडे ने कहा कि सरलीकरण के लिए हम विशेषज्ञों से चर्चा करेंगे। इसका मकसद है कि मामूली कारोबार करने वाले या भविष्य में इस्तेमाल के लिए पंजीकरण करवा चुके लोगों के लिए जीएसटीआर-1 व जीएसटीआर-3बी को दाखिल करना आसान बनाया जा सके। जीएसटीएन पोर्टल पर रिटर्न दाखिल करने वाली लगभग 40 प्रतिशत इकाइयों की कर देनदारी शून्य है।
इसके साथ ही जीएसटीआर-2 व जीएसटीआर-3 की फाइलिंग को 31 मार्च तक स्थगित रखने का फैसला किया गया है। जीएसटीआर-1 में माल की बिक्री का ब्योरा होता है जबकि जीएसटीआर-2 में खरीदे गये माल की जानकारी रहती है। जीएसटीआर-3बी खरीद और बेचे गये माल का मिलान होता है। कितना माल खरीदा और कितना बेचा गया। कारोबारी इकाइयों को अब मार्च तक जीएसटीआर-1 बिक्री रिटर्न के साथ जीएसटीआर- 3बी दाखिल करनी होगी।