पटना। जीएसटी काउंसिल ने उपभोक्ताओं के हित में 211 सामान पर टैक्स कम किया है। टैक्स में कमी का लाभ कारोबारियों को उपभोक्ताओं को देना है। ऐसा नहीं करने पर वाणिज्य कर विभाग की राज्य स्तरीय छानबीन समिति कार्रवाई करेगी। अपर आयुक्त डॉ. प्रतिमा की अध्यक्षता में मुनाफाखोरी रोधी कमेटी का गठन किया गया है। किसी तरह की सूचना एवं शिकायत प्रमाण के साथ screeningcommitteebihar@gmail.com पर दी जा सकती है। विभाग ने विभिन्न क्षेत्रों में सर्वे का काम शुरू कर दिया है। उक्त जानकारी वाणिज्य कर विभाग की प्रधान सचिव सुजाता चतुर्वेदी ने दी।
प्रधान सचिव ने बताया कि जीएसटी लागू होने के बाद प्रतिमाह 400 से 500 करोड़ रुपये की राजस्व वसूली हो रही है जबकि वसूली 1350 करोड़ रुपये होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि गत वर्ष की तुलना में राजस्व में कमी आयी है, लेकिन तुलनात्मक रूप से नौ प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इसकी वजह जीएसटी के पहले के तीन माह में वैट के तहत वसूली है। 2016-17 के पहले सात माह में 8115.59 करोड़ रुपये राजस्व की वसूली हुई थी, जबकि इस वर्ष के सात माह यानी अक्टूबर तक 8861.08 करोड़ रुपये की वसूली हुई है। जीएसटी नेटवर्क की जानकारी बढ़ने से रिटर्न फाइलिंग भी बढ़ेगी।