नई दिल्ली/एजेंसी। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने कर अधिकारियों को ऐसे मामलों की तह तक जाने को कहा है, जिसमें किसी करदाता ने नोटबंदी के बाद संशोधित आयकर रिटर्न दायर किया हो। बोर्ड ने काला धन से संबंध पाये जाने पर इन मामलों में अधिक कर लगाने के भी निर्देश दिए हैं।
बोर्ड ने विभाग के सभी क्षेत्रीय प्रमुखों को दो पन्ने का दिशा-निर्देश जारी किया है। इसमें संदिग्ध वित्तीय गतिविधि वाले मामलों की जांच करने के तरीकों को स्पष्ट किया गया है। सीबीडीटी के दिशा-निर्देश के पीछे यह विचार रहा है कि संशोधित और विलंब से आयकर रिटर्न दायर करने की कानूनी सुविधा का दुरुपयोग न हो और नोटबंदी के बाद कालेधन को सफेद दिखाने में इसका इस्तेमाल न हो।