नई दिल्ली/एजेंसी। जीएसटी काउंसिल की 16 दिसंबर को होने वाली बैठक में ई-वे बिल व्यवस्था को लागू करने और कर चोरी रोकने के मुद्दों पर विचार किया जाएगा। शनिवार (16 दिसंबर) की बैठक वीडियो काॅन्फ्रेसिंग के माध्यम से होगी। वित्त मंत्री अरुण जेटली इसकी अध्यक्षता करेंगे। राजस्व संग्रह में अक्तूबर में सितंबर के मुकाबले 12,000 करोड़ रुपये की कमी दर्ज की गई है। काउंसिल का मानना है कि कर चोरी इसकी एक प्रमुख वजह है।
यह जीएसटी परिषद की 24वीं बैठक है। पिछली बैठक गुवाहाटी में नवंबर में हुई थी। वहां 178 वस्तुओं पर कर में कमी की गई थी। बैठक में ई-वे बिल एक जनवरी से कुछ चुनिंदा जगहों में और एक अप्रैल से पूरे देश में लागू करने का निर्णय किया गया था। कर वसूली में गिरावट के मद्देनजर बैठक में ई-वे बिल लागू करने व इसकी समय सीमा पर पुनर्विचार किया जा सकता है ।
अक्तूबर में जीएसटी वसूली 83,346 करोड़ रुपये रही। यह सितंबर की 95,131 करोड़ रुपये की वसूली से काफी कम है। जेटली ने कहा था कि जीएसटी काउंसिल ने कर चोरी रोकने के लिए ई-वे बिल का एक कार्यक्रम तय किया है। जीएसटी के तहत 50000 रुपये से अधिक के सामान को दूसरी जगह भेजने के लिए ई-वे बिल के माध्यम से नेटवर्क को सूचित करने की जरूरत होगी। राज्य के अंदर दस किलोमीटर के दायरे में सामान ले जाने के लिए आपूर्तिकर्ता या ट्रांसपोर्टर को उसकी सूचना जीएसटी पोर्टल पर देने की जरूरत नहीं है।