पटना। सूबे में अब पुराने नियमों से ही बालू का कारोबार होगा। लंबे समय से चल रहे बालू संकट को लेकर सरकार ने यह निर्णय लिया है। मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह ने बताया कि अवैध खनन व अन्य कारणों से रद्द लाइसेंस का सेटलमेंट पुराने नियमों से ही होगा। यह भी निर्णय लिया गया कि एक लाइसेंसधारी को अधिकतम 100 हेक्टेयर ही बालू खनन का अधिकार मिलेगा। बालू का उठाव और परिवहन ई-चालान से ही होगा। बालू संकट पटना, भोजपुर व सारण में सबसे अधिक है।
बालू खनन के नये नियम के कुछ प्रावधानों पर पटना हाईकोर्ट की आपत्ति के बाद सरकार ने यह निर्णय लिया है। हाईकोर्ट में इस मसले पर अगली सुनवाई 23 जनवरी को होगी। सूबे में बालू संकट के कारण निर्माण कार्य ठप है। कारोबार से जुड़े ट्रांसपोटर्स व श्रमिक भी परेशान हैं।