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कारोबारियों ने जाना ई-वे बिल जेनरेट करने का फाॅर्मूला

पटना । वाणिज्य-कर विभाग ने बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (बीआईए) के सहयोग से प्रस्तावित ई-वे बिल से संबंधित एक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया । प्रशिक्षण में संयुक्त आयुक्त प्रमोद कुमार गुप्ता व शंकर कुमार मिश्रा के साथ अधिकारी डाॅ अभिनव कुमार झा, देव आनंद एवं प्रशांत झा ने मास्टर ट्रेनर के रूप में भाग लिया। 
    प्रशिक्षण में बताया गया कि ई-वे बिल एक तरह से सेल्फ डिक्लेरेशन पद्धति पर कार्य करेगा । इसमें जेनरेट एक ही बिल पूरे देश के लिए वेेलिड होगा । इसका उपयोग सामान के लाने या भेजने दोनों में किया जा सकता है। इस व्यवस्था का एक उद्देश्य यह भी है कि कर वंचना को रोका जा सके । एक फायदा यह भी है कि कारोबारी को भौतिक रूप से बिल बनवाने या प्राप्त करने के लिए सरकारी दफ्तर में जाने की जरूरत नहीं होगी । वजह सारी प्रक्रिया आॅनलाईन है। चेक पोस्ट की भी कोई व्यवस्था इस प्रणाली में नहीं है।
    ई-वे बिल 1 फरवरी से देश में लागू होने जा रहा है। इस व्यवस्था में ई-वे बिल जेनरेट करना अनिवार्य होगा । 16 जनवरी से ई-वे बिल जेनरेट करने का काम शुरू हो जायेगा, जिसके माध्यम से व्यापारी ट्रायल एवं प्रशिक्षण के रूप में ई-वे बिल जेनरेट कर सकेंगे । 50 हजार या उससे अधिक के मूल्य के सामान का परिवहन हो रहा हो तब ई-वे बिल जेनरेट करना अनिवार्य होगा । 50 हजार रुपये से कम के मूल्य के सामान के परिवहन की स्थिति में व्यापारी चाहें, तो स्वेच्छा से ई-वे बिल जेनरेट कर सकते हैं।
    बिल जेनरेट करते समय वाहन का नंबर देना अनिवार्य नहीं है। गाड़ी का नंबर बाद में भी भरा जा सकता है । किसी कारण से गाड़ी बदलने की दशा में गाड़ी संख्या को बदले जाने की व्यवस्था भी ई-वे बिल प्रणाली में उपलब्ध है । जेनरेट हो चुके ई-वे बिल को 24 घंटे में निरस्त करने का प्रावधान इस प्रणाली में है।
    प्रशिक्षण में बीआईए के अध्यक्ष के.पी.एस. केशरी, उपाध्यक्ष संजय भरतिया, टैक्सेशन सबकमिटी के चेयरमैन पुरुषोत्तम अग्रवाल समेत बड़ी संख्या में कारोबारी उपस्थित थे।
 


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