पटना । नये आयकर दाता के मामले में बिहार देश में चौथे नंबर पर है। पहला स्थान राजस्थान का है। आयकर विभाग के पास प्राप्त आंकड़ों के अनुसार यदि बकाया कर का भुगतान हो जाए, तो बिहार नये करदाता के मामले में देश में अव्वल हो सकता है। प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त (बिहार-झारखंड) केसी घुमरिया ने लोगों से अपील की है कि जिनकी टैक्सेबल इनकम है, वे 31 मार्च, 2018 तक रिटर्न फाइल कर दें। सही टैक्स जमा कर देश के विकास में भागीदार बनें।
ज्वाइंट डेवलपमेंट एग्रीमेंट केस : केसी घुमरिया ने बताया कि बिहार में बड़ी संख्या में जमीन मालिकों ने डेवलपर्स के साथ कंस्ट्रक्शन के लिए एग्रीमेंट किया है। बावजूद 99 फीसदी भू स्वामी टैक्स नहीं दे रहे हैं। विभाग के पास इससे संबंधित 2125 डाटा उपलब्ध हैं। 133 (6) के मामलों में 1975 नोटिस जारी हो चुके हैं। शेष नोटिस अप्रैल में जारी होंगे। असेसमेंट इयर 2011-12 के 375 केस खुल गये हैं । इसी तरह एग्रीकल्चर इनकम केस में 1332 नोटिस जारी हो चुके हैं।
आॅपरेशन क्लीन मनी : नवंबर, 2016 में नोटबंदी के बाद नगद जमा करने में बिहार-झारखंड का देश में दूसरा स्थान है। एक करोड़ रुपये से अधिक नगद जमा करने वाले 1233 लोगों को नोटिस भेजा गया है। 10 लाख रुपये से अधिक नगद जमा करने वालों की संख्या 19775 है। सभी मामलों को देखा जा रहा है। नगद जमा करने वालों से आमदनी का ब्योरा मांगा गया है। इस आधार पर पेनाल्टी के साथ टैक्स का निर्धारण हो रहा है।
शेयर प्रीमियम केस व टैक्स रिफंड : बिहार व झारखंड की 3500 कंपनियों ने शेयर प्रीमियम मामले में गलत तरीके से पैसा बनाया है। इस केस में 1431 नोटिस जारी हो गए हैं। कई लोगों ने गलत तरीके से बड़ी राशि टैक्स रिफंड में ली है। इसकी भी जांच चल रही है।
राजस्व लक्ष्य : बिहार-झारखंड का 2017-18 का राजस्व लक्ष्य 13202 करोड़ है। 29 मार्च, 2018 तक करीब 11 हजार करोड़ राजस्व मिल गया है। शेष दो दिन में लक्ष्य को पा लेने की संभावना है। नये कर दाता को जोड़ने का लक्ष्य 5,02,132 है। 20 मार्च, 2018 तक 4,12,462 नये करदाता जुड़ चुके हैं।