पटना । ई-वे बिल का शुभारंभ उप मुख्यमंत्री सह वाणिज्य कर मंत्री सुशील कुमार मोदी ने सचिवालय स्थित सभागार में किया। उन्होंने कारोबारियों व ट्रांसपोर्टर्स से अपील करते हुए कहा कि ई-वे बिल के बिना माल का परिवहन नहीं करें। जीएसटी व्यवस्था में गड़बड़ी करने वाले बच नहीं पाएंगे। आवश्यकतानुसार जांच के लिए जगह-जगह अधिकारी तैनात होंगे और गड़बड़ी पकड़े जाने पर कठोर कार्रवाई होगी।
मोदी ने कहा कि बिहार में 3.25 लाख कारोबारी जीएसटी के तहत निबंधित हैं। इनमें नियमित करदाता 2.35 लाख हैं। कंपोजिट स्कीम में 90 हजार निबंधित है, लेकिन वे कम कर का भुगतान कर रहे हैं। टर्न ओवर कम दिखा कर टैक्स चोरी नहीं करें वरना सरकार हस्तक्षेप करने के लिए मजबूर होगी। सभी निबंधित कारोबारी समय से रिटर्न दाखिल करें।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि पहली अप्रैल से देश में 50 हजार से अधिक मूल्य के सामान के अंतर राज्यीय परिवहन के लिए ई-वे बिल की व्यवस्था लागू हो गई है। तीन सप्ताह के बाद राज्य के अंदर सामान के परिवहन के लिए भी यह व्यवस्था चरणबद्ध तरीके से लागू होगी। फिलहाल सर्वर से प्रतिदिन 75 लाख तक ई-वे बिल जबकि आने वाले दिनों में रोजाना एक करोड़ तक जेनरेट होगा।
पांच साल से बिहार में लागू ‘सुविधा’ का ई-वे बिल के जरिए सरलीकरण हो गया है। कारोबारियों व ट्रांसपोर्टर्स को अब मात्र 9 फिल्ड ही भरने होंगे। कागज के फाॅर्म भरने का झंझट जहां खत्म हो गया है, वहीं कंप्यूटर के अलावा मोबाइल एप्लीकेशंस के जरिए भी ई-वे बिल आसानी से जेनरेट हो सकेगा।
मौके पर वाणिज्य कर विभाग की प्रधान सचिव सुजाता चतुर्वेदी, आयुक्त डाॅ प्रतिमा एस कुमार वर्मा समेत विभाग के वरीय अधिकारी मौजूद थे।