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राज्य के अंदर भी माल परिवहन पर 20 अप्रैल से ई-वे बिल अनिवार्य

पटना/बिहार कारोबार न्यूज । राज्य के अंदर 2 लाख रुपये से अधिक मूल्य के कर योग्य माल के परिवहन के लिए ई-वे बिल को 20 अप्रैल से अनिवार्य कर दिया गया है। इसके पूर्व पहली अप्रैल से 50 हजार से अधिक मूल्य के मालों के अन्तरराज्यीय परिवहन के लिए ई-वे बिल की व्यवस्था लागू की गई थी। 

उप मुख्यमंत्री सह वाणिज्य कर मंत्री सुशील कुमार मोदी ने कारोबारियों व ट्रांसपोर्टर से अपील की है कि वे राष्ट्रीय ई-वे बिल पोर्टल से बिल जेनरेट करने के बाद ही माल का परिवहन करें, वरना पकड़े जाने पर दंडित होंगे। राज्य के अंदर एलपीजी, पेट्रो केमिकल्स, ज्वेलरी, किरासन तेल, खाद्यान्न तथा घरेलू सामान के परिवहन के लिए ई-वे बिल की आवश्यकता नहीं होगी। 

राज्य के अंदर माल परिवहन के लिए ई-वे बिल की वेलिडिटी सामान्यतः 100 किमी तक की दूरी के लिए एक दिन है। प्रत्येक 100 किमी या उसके बाद के हिस्से के लिए एक अतिरिक्त दिन मान्य होगा। सड़क मार्ग से माल को भेजने के पहले ई-वे बिल जेनरेट करना अनिवार्य होगा। रेलवे, हवाई व जलमार्ग से परिवहन की स्थिति में डिलेवरी के समय ई-वे बिल देना होगा।  

बिहार में अबतक 23,715 करदाता और 284 ट्रांसपोर्टर निबंधित हैं। 43,188 ई-वे बिल जेनरेट किए जा चुके हैं। ई-वे बिल जेनरेट करने के 72 घंटे या माल प्राप्ति जो पहले हो, के अंदर प्राप्तकर्ता के द्वारा उक्त ई-वे बिल को स्वीकार या अस्वीकार किया जा सकता है।  
 


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