नई दिल्ली/एजेंसी। जीएसटी लागू होने के बाद पहली बार अप्रैल, 2018 में राजस्व संग्रह एक लाख करोड़ रुपये को पार कर गया। अप्रैल माह में कलेक्शन 1,03,458 करोड़ रुपये का हुआ है। केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इस उपलब्धि पर सभी कर दाताओं, जीएसटी काउंसिल के सदस्य, केंद्र एवं राज्य सरकार के टैक्स प्रशासन को बधाई दी है।
वित्त मंत्रालय ने 1 मई, 2018 को आंकड़ा जारी करते हुए बताया कि राजस्व संग्रह में 18652 करोड़ रुपये का सीजीएसटी, 25704 करोड़ रुपये का एसजीएसटी, 50548 करोड़ रुपये का आईजीएसटी और 8554 करोड़ रुपये का सेस शामिल है।
30 अप्रैल, 2018 तक मार्च के लिए 87.12 लाख में से 60.47 लाख जीएसटीआर 3बी रिटर्न दाखिल किए गए। अप्रैल में कंपोजीशन डीलरों को तिमाही रिटर्न भी दाखिल करना था। 19.31 लाख कंपोजीशन डीलरों में से 11.47 लाख ने तिमाही रिटर्न (जीएसटीआर 4) दाखिल किए, जो 59.40 प्रतिशत के आंकड़े को दर्शाता है। इन डीलरों ने 579 करोड़ रुपये का टैक्स अदा किया है।
वित्त मंत्रालय का कहना है कि जीएसटी संग्रह में उल्लेखनीय वृद्धि अर्थव्यवस्था में बेहतरी के साथ-साथ अपेक्षाकृत अधिक अनुपालन को भी दर्शाती है। हालांकि, किसी भी वित्त वर्ष के अंतिम महीने में यह आम तौर पर पाया जाता है कि लोग विगत महीनों के बकाया रकम की भी अदायगी करते हैं। अतः उक्त महीने में हुए राजस्व संग्रह को भविष्य के लिए कोई रूझान नहीं माना जा सकता है।