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वाणिज्य कर विभाग के राजस्व संग्रह में 8.14 फीसदी का इजाफा

 पटना/बिहार कारोबार न्यूज । वाणिज्य कर विभाग का राजस्व संग्रह 2017-18 में 20,277 करोड़ हुआ है। यह 2016-17 से 8.14 फीसदी अधिक है। 2018-19 में 35 फीसदी वृद्धि के साथ 27 हजार करोड़ का लक्ष्य रखा गया है। उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने वाणिज्य कर विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक के बाद उक्त जानकारी दी। उन्होंने विभाग के वार्षिक प्रशासनिक प्रतिवेदन को भी जारी किया।  

मोदी ने जीएसटी लागू होने वाले चुनौतीपूर्ण वर्ष में 20,277 करोड़ रुपये राजस्व संग्रह के लिए विभाग को बधाई दी है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री के आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रह्मन्यम ने जीएसटी के अंतर्गत और बेहतर कर संग्रह पर विचार-विमर्श के लिए अपने बिहार दौरे की सहमति दी है। 

2017-18 में पेट्रोलियम पदार्थ से 5,548 करोड़, इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी से 237 करोड़, अप्रैल से मई तक वैट व्यवस्था के तहत पुराना बकाया, केंद्रीय बिक्री कर तथा इंट्री कर से 4,594 करोड़, जीएसटी के अन्तर्गत राज्यों के लिए निर्धारित 14 प्रतिशत सुरक्षित राजस्व की क्षतिपूर्ति के रूप में केंद्र से 3,041 करोड़ की प्राप्ति हुई है। 

उन्होंने विभाग की एक टीम को दो-तीन दिनों में दूसरे राज्यों में भेज कर वहां हो रहे जीएसटी के कार्यान्वयन के अध्ययन कराने का निर्देश दिया। इसी माह सभी अंचलों में व्यापारियों के साथ बैठक कर जीएसटी में आ रही परेशानियों की फीडबैक लेने और उसका समाधान करने का निर्देश भी दिया। 

वैट के तहत जहां मात्र 8 हजार व्यापारी कंपोजिट स्कीम में शामिल थे, वहीं जीएसटी में 90 हजार से अधिक डीलर इस स्कीम में निबंधित है। बावजूद उनसे काफी कम राजस्व मिल रहा है। ऐसे सभी डीलरों की बैठक कर राजस्व संग्रह की समीक्षा करने का भी निर्देश दिया गया। 

समीक्षा बैठक में प्रधान सचिव सुजाता चतुर्वेदी, आयुक्त सह सचिव डाॅ प्रतिमा एस कुमार, अपर आयुक्त अरुण मिश्रा समेत कई अधिकारी मौजूद थे।  
 
 


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