पटना/बिहार कारोबार न्यूज । वाणिज्य कर विभाग के अधिकारियों की दूसरे दिन की बैठक में 27 हजार करोड़ के राजस्व लक्ष्य को कैसे हासिल किया जाए पर गहन समीक्षा हुई। उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बड़े टर्नओवर वाले कारोबारियों पर फोकस करें।
36 व्यापारियों ने राजस्व का 46.41 फीसदी दिया टैक्स : गत वर्ष 500 करोड़ से अधिक टर्न ओवर वाले मात्र 36 व्यापारियों से कुल राजस्व का 46.41 फीसदी कर मिला। 50 करोड़ से अधिक टर्न ओवर वाले 597 व्यापारियों से 73 फीसदी जबकि डेढ़ करोड़ से कम टर्न ओवर वाले 90 फीसदी व्यापारियों से मात्र 9 फीसदी ही संग्रह हुआ। इसलिए इस साल के लक्ष्य को पाने के लिए बड़े टर्न ओवर वाले कारोबारियों पर फोकस करें।
छोटे व्यापारियों को रिटर्न फाइल करने में करें सहयोग : उप मुख्यमंत्री ने राज्य के सभी वाणिज्य कर कार्यालयों को आईटी सुविधाओं से युक्त काॅरपोरेट लूक देने एवं जीएसटी के अंतर्गत छोटे व्यापारियों को रिटर्न फाइल करने में आ रही परेशानियों को दूर करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जीएसटी काउंसिल विवरणी दाखिल करने की प्रक्रिया के सरलीकरण की दिशा में काम कर रही है। शीघ्र ही कारोबारियों को महीने में 3 की जगह एक ही विवरणी दाखिल करना होगा।
ई-वे बिल पर अधिकारी व व्यापारियों को नसीहत : उन्होंने कहा कि पहली अप्रैल से देश में ई-वे बिल की व्यवस्था लागू कर दी गयी है। वाणिज्य कर विभाग के अधिकारी विभिन्न जगहों पर इसकी जांच करेंगे। अधिकारियों को जांच के दौरान पारदर्शिता बरतने एवं अनावश्यक तौर पर किसी व्यापारी को तंग नहीं करने का निर्देश दिया गया। व्यापारियों को भी चेतावनी दी गई कि कर वंचना की मंशा से बिना ई-वे बिल के सामान का परिवहन करेंगे तो पकड़े जाने पर जुर्माना भरना होगा।
डिजिटल ट्रांजेक्शन पर मिल सकता है 2 फीसदी का रिबेट : डिजिटल ट्रांजेक्शन को बढ़ावा देने के लिए जीएसटी काउंसिल यह निर्णय करने जा रहा है कि जो उपभोक्ता क्रेडिट-डेबिट कार्ड व आॅनलाइन खरीददारी करेंगे, उन्हें कर भुगतान में 2 फीसदी की रियायत दी जा सकती है।
समीक्षा बैठक में आयुक्त सह सचिव डाॅ प्रतिमा एस कुमार, अपर आयुक्त अरुण मिश्रा समेत विभाग के कई अधिकारी मौजूद थे।