पटना/बिहार कारोबार न्यूज । प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त केसी घुमरिया ने कहा कि फेयर, फ्रेंडली एवं फास्ट होकर काम करें। स्वयं को अधिकारी नहीं, बल्कि सेवक समझ कर काम करना चाहिए। जीएसटी डे मनाने का मकसद है कि इसकी कमियों का विश्लेषण किया जाए ताकि आगे और बेहतर काम हो। वह जीएसटी के एक वर्ष पूरे होने पर केंद्रीय राजस्व भवन में आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे।
केसी घुमरिया ने कहा कि जीएसटी की दक्षता जितनी बढ़ेगी, आईटी (इनकम टैक्स) भी उतना ही बढ़ेगा। बिहार में जीएसटी कलेक्शन बढ़ा, तो इनकम टैक्स असेसी भी बढ़े। 5.20 लाख नए असेसी (बिहार-झारखंड) जुड़े, जो लक्ष्य से अधिक था। कारोबार जितना बढे़गा, राजस्व भी उसी अनुपात में बढ़ेगा। देशवासियों की सहनशीलता का ही नतीजा है कि जीएसटी सफलता पूर्वक लागू हो गया।
प्रधान मुख्य आयुक्त (जीएसटी) : प्रधान मुख्य आयुक्त (जीएसटी) शिव नारायण सिंह ने कहा कि जीएसटी लागू होने के बाद बिहार में 1.83 लाख नये करदाताओं ने निबंधन कराया। यह बड़ी उपलब्धि है। 4503 करोड़ का राजस्व संग्रह हुआ, जो पहले की तुलना में अधिक है। चालू वर्ष की पहली तिमाही में राजस्व में अच्छा इजाफा हुआ है, लेकिन मात्र 63 फीसदी ने ही जीएसटी रिटर्न फाइल किया है। रिटर्न फाइल नहीं करने वाले 18913 करदाताओं को नोटिस जारी किए गए हैं।
बिहार चैंबर आॅफ काॅमर्स के अध्यक्ष पीके अग्रवाल एवं बीआईए अध्यक्ष केपीएस केशरी ने टैक्स रिफंड, रिटर्न फाॅर्म की जटिलता एवं इंटरनेट कनेक्टिविटी की परेशानियों का बताया।
जीएसटी के आयुक्त रंजीत कुमार, नितिन आनंद व वीसी गुप्ता एवं वाणिज्य कर आयुक्त डाॅ प्रतिमा एस कुमार ने भी अपने विचारों को रखा। मौके पर महानिदेशक आयकर (अन्वेषण) एसआर मलिक भी उपस्थित थे।