नई दिल्ली/पटना/बिहार कारोबार न्यूज। डिजिटल ट्रांजेक्शन पर जीएसटी में 2 फीसदी की रियायत और एक ट्रांजेक्शन पर अधिकतम 100 रुपये की छूट को फिलहाल लागू नहीं करने की अनुशंसा जीएसटी मंत्री समूह (जीओएम) ने की है। जीएसटी के तहत रिवर्स चार्ज मैकेनिज्म (आरसीएम) पर निर्णय का अधिकार भी जीएसटी काउंसिल को देने की अनुशंसा की गई है। इस पर 21 जुलाई को नई दिल्ली में होने वाली काउंसिल की बैठक में निर्णय होगा।
नई दिल्ली में जीएसटी के अंतर्गत दो मंत्री समूहों की बैठक 8 जुलाई को हुई। बैठक की अध्यक्षता बिहार के डिप्टी सीएम सह जीएसटी मंत्री समूह के अध्यक्ष सुशील कुमार मोदी ने की।
12 हजार करोड़ क्षति का अनुमान : डिप्टी सीएम ने बताया कि मंत्री समूह ने डिजिटल ट्रांजेक्शन पर छूट फिलहाल लागू करने पर असहमति की अनुशंसा की है। आने वाले दिनों में डिजिटल ट्रांजेक्शन से राजस्व संग्रह में वृद्धि हो सकती है,लेकिन फिलहाल 12 हजार करोड़ की क्षति का अनुमान है। नई विवरणी आने और इस साल के राजस्व संग्रह में स्थायित्व के बाद इस पर विचार हो सकता है।
वर्तमान सेक्शन 9 (4) को हटाने की अनुशंसा : जीएसटी एक्ट के वर्तमान सेक्शन 9 (4) को समाप्त करने एवं नये सेक्शन 9 (4) को शामिल करने की अनुशंसा की गई है। मंत्री समूह कब व किन शर्तों के साथ किस डीलर समूह पर रिवर्स चार्ज मैकेनिज्म लागू किया जाए का अधिकार जीएसटी काउंसिल को सौंपेगा। इसके तहत अगर कोई निबंधित व्यापारी अनिबंधित व्यापारी से सेवा या माल प्राप्त करता है, तो निबंधित व्यापारी को रिवर्स चार्ज के अंतर्गत कर का भुगतान करना होता है। इसे फिलहाल 30 सितंबर तक स्थगित रखा गया है।