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करदाताओं का सम्मान करें अधिकारी, बेहतर रणनीति से मिलेगा परिणाम  

पटना । अधिकारियों को करदाताओं का सम्मान करना चाहिए। इससे विभाग की बेहतर छवि बनती है। ईमानदार करदाताओं को भी सहूलियत मिलनी चाहिए। हर राज्य की अलग संस्कृति और परिवेश है। अधिकारियों को उस अनुरूप रणनीति बनाकर  काम करने से  बेहतर परिणाम मिलेगा । उक्त बातें प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त (बिहार-झारखंड) केसी घुमरिया ने आयकर दिवस पर आयोजित समारोह में कहीं।

टैक्स देने में गड़बड़ी करने वालों पर भी कार्रवाई हो रही है। एग्रीकल्चर इनकम की गलत जानकारी देने के 1428 मामलों की पहचान हुई है, जिनमें 1290 नोटिस जारी किए गए हैं। शेयर प्रीमियम के 1272 मामलों में करीब 5500 करोड़ राजस्व क्षति का अनुमान है। अधिकतर में कोलकाता की इंट्री दिखाई गई है। 

आॅपरेशन क्लीन मनी में 20876 केस की पहचान हुई है। 19403 नोटिस जारी हुए हैं, जिनमें 76 केस फिर से खोले गए हैं। अनसिक्योर्ड लोन के भी 4244 मामले हैं। कैपिटेल गेन के भी कई केस हैं। झारखंड में दानपत्र (जमीन संबंधित) के मामले हैं। सभी मामलों में बेहतर जांच से अच्छा राजस्व मिलेगा।     

केसी घुमरिया ने कहा कि कार्यशैली मे पारदर्शिता बढ़ी है। 2017-18 में 11766 करोड़ राजस्व संग्रह हुआ है। पांच लाख से अधिक नए असेसी हैं। इसमें बिहार ने अच्छी उपलब्धि हासिल की है। शीघ्र ही मुजफ्फरपुर में काॅरपोरेट लुक में नया आॅफिस बनेगा। 

आयकर महानिदेशक (अन्वेषण) एसआर मलिक ने अपने संबोधन में कहा कि विभाग ने 158 साल का सफर तय किया है। राष्ट्रीय स्तर पर राजस्व संग्रह 10 लाख करोड़ है। प्रदर्शन के मामले में बिहार-झारखंड ने बेहतर काम किया है। 

इस मौके पर आयकर बिहार के 12 वें अंक का भी विमोचन किया गया। प्रधान मुख्य आयुक्त (जीएसटी) एसएन सिंह, आयकर आयुक्त (अपील) प्रशांत भूषण एवं बिहार चैंबर आॅफ काॅमर्स के अध्यक्ष पीके अग्रवाल व आईसीएआई के मेहताब आलम ने भी अपने विचारों को रखा।      
 


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