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छोटे उद्यमी व व्यापारियों की समस्याओं पर 4 को जीएसटी काउंसिल की बैठक 

कोलकाता । 4 अगस्त को सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्यमी एवं छोटे व्यापारियों की समस्याओं पर विचार के लिए नई दिल्ली में जीएसटी काउंसिल की विशेष बैठक होगी। जुलाई माह में 96,483 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ । 

7 प्रतिशत करदाता देते हैं 84 फीसदी राजस्व : जीएसटी के अंतर्गत निबंधित 1.12 करोड़ करदाताओं में मात्र 7 फीसदी से कुल राजस्व का 84 फीसदी प्राप्त होता है। उक्त बातें जीएसटी मंत्री समूह के संयोजक सह डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी ने कहीं। वह कोलकाता के सीआर एवेन्यू में पूर्वी भारत के 1200 से अधिक चार्टर्ड एकाउंटेट के सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।

93 फीसदी करदाता से मिलता है मात्र 16 प्रतिशत राजस्व : 93 फीसदी करदाता जिनका टर्नओवर 5 करोड़ से कम है, उनसे मात्र 16 फीसदी राजस्व मिलता है। ऐसे करदाताओं को मासिक की जगह त्रैमासिक कर विवरणी दाखिल करने की सहूलियत दी गयी है। 20 फीसदी से अधिक निबंधित कारोबारियों की करदेयता शून्य है, जिन्हें केवल एसएमएस के जरिए अपनी विवरणी दाखिल करनी है। छोटे करदाताओं को मात्र एक पेज का रिटर्न भरना है। 

मोदी ने कहा कि जीएसटी में छोटे व्यापारियों की परेशानी की बड़ी वजह यह है कि अभी सारी चीजें आॅनलाइन हो गई हैं, जिसका उन्हें पहले से अभ्यास नहीं है। वहीं, पहले डेढ़ करोड़ से कम टर्नओवर वालों को एक्साइज ड्यूटी से छूट मिली हुई थी तथा टेक्सटाइल्स पर पिछले 50 वर्षों में कभी कोई टैक्स नहीं लगा था। 

जीएसटी लागू होने के बाद छोटे व्यापारियों के लिए काफी कुछ सरल किया गया है। आने वाले दिनों में सरलीकरण के लिए काउंसिल और भी निर्णय कर सकती है। पिछले 13 महीने में 384 वस्तुओं और 68 सेवाओं पर कर की दर में कटौती की गई है, जिससे शुरू के कुछ महीनों में करीब 70 हजार करोड़ का राजस्व प्रभावित हो सकता है, लेकिन बाद के दिनों में कर की दर में कमी से बिक्री बढ़ने के साथ राजस्व भी बढ़ेगा।


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