पटना । आयकर विभाग 2018-19 के राजस्व लक्ष्य को पाने के लिए सजग है। लक्ष्य को पाने में चुनौतियों से निबटारे केेे लिए विभाग ने 9 अगस्त को होटल मौर्य में आयकर मंथन संगम 2018 का आयोजन किया। संगम में बिहार-झारखंड के आयकर अधिकारी मौजूद थे। टीडीएस जमा एवं क्लेम में आ रही गड़बड़ी पर भी चर्चा हुई। वक्ताओं ने टैक्स एजुकेशन पर जोर दिया।
प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त (बिहार-झारखंड) केसी घुमरिया ने अपने संबोधन में कहा कि टीडीएस रिफंड के लिए रिटर्न ई-फाइलिंग में गड़बड़ी हो रही है। अधिकारियों को सतर्क रहने की जरूरत है। सरकारी विभाग भी समय पर टीडीएस जमा नहीं कर रहे हैं। इस संबंध में राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों से भी बात हुई, लेकिन अब तक कोई ठोस नतीजा नहीं निकला। मजबूरन हमें सीबीडीटी को आगे की कार्रवाई के लिए लिखना होगा।
एडवांस टैक्स की माॅनिटरिंग भी जरूरी है। आयरन एवं पावर क्षेत्र से जुड़ी कंपनियों पर नजर रखने की बात केसी घुमरिया ने कही। गया रजिस्ट्री आॅफिस से मिले आंकड़ों के अनुसार फ्लैट की रजिस्ट्री के अनुपात में रिटर्न फाइल करने वालों की संख्या काफी कम है। ऐसी ही स्थिति कई बिजनस करने वालों की है। बैंकों में जमा 15 जी-एच का भी मामला गंभीर है। इसकी भी जांच होनी चाहिए।
आयकर महानिदेशक (अन्वेषण) एसआर मलिक ने कहा कि विभाग स्वतंत्र रूप से काम करता है। हर घोटाले पर विभाग की नजर है। संबंधित जांच एजेंसी के साथ अधिकारी संपर्क में रहें। सही जानकारी मिलने के बाद ही कार्रवाई करें, ताकि कोई परेशान न हो। मुख्य आयकर आयुक्त (झारखंड) वी महालिंगम ने भी अपने विचारों को रखा।
मंथन में शेयर प्रीमियम, असेसमेंट आॅफ ज्वाइंट वेंचर एग्रीमेंट, दानपत्र, अनसेक्योर्ड लोन फ्राॅम शेल कंपनी, ई असेसमेंट एवं डाटा माइनिंग समेत कई बिंदुओं पर चर्चा हुई। सेमिनार के बाद 2017-18 में राजस्व संग्रह में बेहतर योगदान देने वाले अधिकारियों को सम्मानित किया गया।