पटना । केंद्रीय रेल, कोयला व वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि जीएसटी एक पारदर्शी कर व्यवस्था है। इस व्यवस्था से कारोबारी जुड़ें। गलत काम पर ध्यान नहीं दें, बल्कि ऐसा करने वालों का विरोध करें। इस पहल में सरकारी तंत्र आपके साथ है। केंद्रीय मंत्री बिहार चैंबर आॅफ काॅमर्स परिसर में 12 अगस्त,2018 को विभिन्न व्यावसायिक संगठनों को संबोधित कर रहे थे।
पीयूष गोयल ने अधिकारियों एवं सीए को भी चेतावनी देते हुए कहा कि वे भी कोई ऐसा काम न करें, जिससे बाद में उन्हें परेशानी हो। किसी तरह की गड़बड़ी की शिकायत मिली, तो तुरंत कार्रवाई होगी। अगली पीढ़ी को अच्छी विरासत देना सामूहिक जिम्मेवारी है।
बिहार चैंबर आॅफ काॅमर्स से जीएसटी एवं रेल संबंधित मसलों पर मिले सुझावों पर सरकार गौर करेगी। टैक्स कलेक्शन बढ़ने के साथ टैक्स भी कम होंगे। जीएसटी लागू करने में बिहार की खास भूमिका है। इसके लिए केंद्र सरकार आपकी आभारी है। कारोबारी की समस्याओं के निदान के लिए जीएसटी काउंसिल की 29 बैठक हो चुकी है। 384 आइटम एवं 68 सर्विसेस पर टैक्स कम किए गए हैं।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बिहार में सभी क्षेत्र में प्रगति हो रही है। रेलवे में भी काफी काम हो रहा है। 2014 के पहले जमीन अधिग्रहण एवं कांट्रैक्ट की स्थिति काफी खराब थी। पूर्वी भारत के विकास पर केंद्र सरकार पूरा ध्यान दे रही है। विकास के लिए बैलेंस्ड ग्रोथ होना जरूरी है।
पथ निर्माण मंत्री नंद किशोर यादव ने भी अपने विचारों को रखा।
चैंबर के मुख्य सुझाव : जीएसटी रिटर्न रिवाइज, रिटर्न फाइल करने में विलंब शुल्क से छूट, एनुअल रिटर्न एवं टैक्स आॅडिट की तिथि बढ़े, जीएसटी निबंधन प्रक्रिया में बदलाव, छोटे उद्योग को सीजीएसटी में छूट, हर जिले में दो रेल रैक, गया से वाराणसी के लिए ट्रेन, आरा में हर ट्रेनों का ठहराव एवं फ्लैट की खरीद पर जीएसटी व निबंधन शुल्क का समन्वय शामिल है।
इस मौके पर बिहार चैंबर आॅफ काॅमर्स के अध्यक्ष, आयकर, सेंट्रल एवं स्टेट जीएसटी के वरिष्ठ अधिकारी, विभिन्न व्यावसायिक संगठनों के अध्यक्ष समेत बड़ी संख्या में कारोबारी मौजूद थे।