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करवंचना करने वाले संवेदकों पर होगी कार्रवाई, टीडीएस-टीसीएस कटौती शुरू 

पटना । 7616 संवेदक-आपूर्तिकर्ताओं ने मार्च 2018 तक राज्य सरकार से 7369 करोड़ का भुगतान प्राप्त किया। इनमें से 4624 संवेदकों ने 4687 करोड़ का भुगतान लेने के बावजूद विवरणी दाखिल नहीं कर करवंचना किया। ऐसे संवेदकों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी ने दी है। वह अधिवेशन भवन में जीएसटी के अंतर्गत ‘टीडीएस-टीसीएस कटौती’ शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। 

उन्होंने कहा कि गैरनिबंधित संवेदकों को कोई आपूर्ति आदेश नहीं दिया जायेगा। साथ ही विवरणी दाखिल नहीं करने वालों का भुगतान रोक दिया जायेगा। टीडीएस कटौती का उद्देश्य करवंचना को रोकना है। 2016-17 में टीडीएस के माध्यम से 1580 करोड़ की प्राप्ति हुई, जो राज्य के कुल राजस्व का मात्र 8.25 प्रतिशत है। 

जीएसटी लागू होने के बाद निर्माण कार्य से जुड़ी 25 से अधिक सामग्रियों जिनमें सीमेंट, बालू, स्टोन चिप्स, ग्रेनाइट, फ्लाई एश ब्रिक्स, मार्बल, फ्लस डोर व प्लाईवुड पर कर की दरों में भारी कटौती की गई है।  

डिप्टी सीएम ने कहा कि 75 फीसदी से अधिक मिट्टी कार्य करने वाले संवेदकों से 5 प्रतिशत की दर से कर की कटौती की जायेगी, लेकिन उन्हें इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ नहीं मिलेगा। जबकि अन्य कार्यों से जुड़े संवेदकों को 12 फीसदी जीएसटी देना होगा, लेकिन उन्हें निर्माण सामग्री की खरीद के दौरान किए गए कर भुगतान का क्रेडिट मिलेगा। 

राज्य के संवेदकों से 1 प्रतिशत सीजीएसटी एवं 1 प्रतिशत एसजीएसटी की दर से तथा राज्य के बाहर के आपूर्तिकर्ता से 2 प्रतिशत की दर से आईजीएसटी की कटौती की जायेगी। इसके लिए निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी तथा संवेदकों को निबंधन कराना तथा कटौती की स्थिति में मासिक विवरणी दाखिल करना अनिवार्य होगा।

समय पर विवरणी दाखिल नहीं करने वाले निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी से 200 रुपये प्रतिदिन की दर से विलंब शुल्क तथा 1.5 प्रतिशत की दर से मासिक ब्याज वसूला जायेगा। दंड राशि की वसूली उनके वेतन से की जा सकती है।


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