इको टूरिज्म के नक्शे पर वाल्मीकिनगर टाइगर रिजर्व के बाद अब विक्रमशिला (भागलपुर) व भीमबांध आश्रयणी (मुंगेर) आ रहा है। 20 नवंबर, 2018 को विक्रमशिला गांगेय डॉल्फिन आश्रयणी क्षेत्र में डॉल्फिन व प्रवासी पक्षियों को देखने के लिए मोटर बोट सेवा शुरू होगी। साथ ही 15 दिसंबर को भीमबांध आश्रयणी स्थित गर्मजल कुंड में नवनिर्मित पर्यटकीय सुविधाओं का उद्धाटन होगा। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक के बाद डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी ने जानकारी दी।
विक्रमशिला गांगेय डॉल्फिन आश्रयणी : इको टूरिज्म के अंतर्गत भागलपुर के बरारी घाट से शंकरपुर दियारा तक 24 सीटर बोट से पर्यटकों को 2 घंटे तक नौकायन कराया जायेगा। इस दौरान पर्यटक गंगा में डॉल्फिन की अठखेलियां व प्रवासी पक्षियों का लुत्फ उठा सकेंगे। विलुप्त हो रहे पक्षी गरूड़ को विभाग की ओर से संरक्षित किया गया है। इन्हें भागलपुर के जगतपुर दियारा स्थित प्राकृतिक वास में छोड़ा जायेगा। आम लोग और पर्यटक दियारा क्षेत्र का भ्रमण कर गरूड़ को देख सकेंगे।
भीमबांध गर्म जल कुंड : 3.92 करोड़ की लागत से गर्म जल कुंड का जीर्णोद्धार हो रहा है। महिलाओं व बच्चों के लिए अलग कुंड, फव्वारा, स्नानागार, शौचालय, पेयजल, दो विश्रामागार व चेंज रूम सहित कई पर्यटकीय सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। कुंड परिसर में इको फ्रेंडली कुर्सियां व सोलर लाइट लग रहे हैं। गर्म कुंड की गहराई 4 फीट 2 इंच तथा बच्चों के कुंड की गहराई 2 फीट तक सीमित रखी गयी है। गर्म कुंड से एक किमी की दूरी पर स्थित गर्म व ठंडे पानी के स्रोत को विकसित करने तथा बच्चों के खेलने के लिए पार्क भी बनेगा।