पटना/14.01.2019 । बिहार चैंबर ऑफ काॅमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने केंद्र सरकार के संकल्प सबका साथ सबका विकास के संदर्भ में बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग की है । अध्यक्ष पीके अग्रवाल ने कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्रालय को बजट पूर्व ज्ञापन भेजा गया है। जिसमें राज्य के आर्थिक विकास से संबंधित कई सुझाव दिए गए हैं ।
- राज्य में चीनी, कृषि आधारित एवं खाद्य प्रसंस्करण उद्योग, इस्पात एवं इंजीनियरिंग इकाई, पर्यटन उद्योग, व्यावसायिक एवं तकनीकी शैक्षणिक संस्थानों के समुचित विकास के लिए केंद्रीय बजट में पर्याप्त राशि का आवंटन ।
- आयकर के वर्तमान स्लैब, दर एवं छूट में बदलाव , जिससे अधिक लोग टैक्स का भुगतान कर सकें।
- राज्य में लगनेवाले नये उद्योगों के लिए पूर्व में आयकर अधिनियम में तीन से पांच साल के लिए आयकर में छूट थी, जिसे 2004 में वापस ले लिया गया है। उसे पुनः बहाल किया जाए ।
- 2018 के बजट में नगद खर्च को कम कर 10000 रुपये कर दिया गया है, जिससे छोटे व्यवसायियों को परेशानी हो रही है। इसकी सीमा 20000 होनी चाहिए ।
- रियल एस्टेट व्यवसाय को रेरा/जीएसटी/स्टांप ड्यूटी के साथ आयकर अधिनियम के तहत काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। जिस स्टाॅक की बिक्री नहीं हुई है, उस पर भी डीम्ड रेंटल टैक्स लगना है। अतः प्रभावी प्रावधान को वापस लिया जाए ।
- रिटर्न फाइलिंग की निर्धारित तिथि इस तरह से हो कि टीडीएस रिटर्न और अपडेशन ऑफ टीडीएस रेकाॅर्ड एवं आयकर अधिनियम के तहत ऑडिट के लिए सुटेबल टाइम मिल सके ।
- जीएसटी के तहत विलंब शुल्क सभी कर दाताओं को वापस किया जाए।
- 5 करोड़ तक के टर्न ओवर वाले एमएसएमइ के लिए रिटर्न फाइल त्रैमासिक होनी चाहिए ।
- इनपुट टैक्स क्रेडिट युक्तिसंगत हो।
- जीएसटीएन कार्य प्रणाली को और बेहतर करने के लिए स्पेशल टास्क फोर्स का गठन होना चाहिए।