नई दिल्ली/एजेंसी/15.01.19 । ई-वे बिल सिस्टम को अप्रैल,2019 से भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के फास्टैग प्रणाली से जोड़नेे की योजना है । ऐसा वस्तुओं के परिवहन पर नजर रखने एवं टैक्स चोरी पर रोक के लिए किया जा रहा है। राजस्व विभाग ने ई-वे बिल, फास्टैग एवं डीएमआईसी की लाॅजिस्टिक्स डाटा बैंक (एलडीबी) सेवाओं को एकीकृत करने के लिए एक समिति गठित की है।
विभाग का कहना है हमारे नोटिस में आया है कि कुछ परिवहन कंपनियां एक ई-वे बिल सृजित कर वाहनों के कई चक्कर लगवा रहे हैं । ऐसे में ई-वे बिल को फास्टैग के साथ एकीकरण से वाहनों की स्थिति का पता लगाने में मदद मिलेगी । यह भी पता चलेगा कि वाहन ने कितनी बार राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के टोल प्लाजा को पार किया है।
राष्ट्रीय स्तर पर एकीकृत प्रणाली अप्रैल से शुरू करने की योजना है। कर्नाटक पायलट आधार पर एकीकृत प्रणाली का क्रियान्वयन कर रहा है। अप्रैल से दिसंबर 2018 के दौरान 3626 मामलों में 15,278 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी का पता लगा है ।