पटना/20.01.19 । ठंड के मौसम में सावधानी नहीं बरतने पर खांसी एवं सर्दी होने की आशंका सबसे अधिक होती है। ऐसा शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने से होता है। इसलिए इस मौसम स्वास्थ्य के प्रति सजग रहना चाहिए।
श्री बैद्यनाथ आयुर्वेद के मुख्य चिकित्सक डाॅ अशोक कुमार सिंह का कहना है कि आयुर्वेद तकलीफ दूर करने के साथ शरीर को आंतरिक मजबूती भी देता है। प्रायः खांसी की परेशानी रात में बढ़ जाती है। लगातार खांसी होने से चेहरा लाल पड़ जाता है। इससे बीपी के मरीज को बचना चाहिए।
घरेलू इलाज : गर्म दूध में हल्दी पाउडर मिलाकर सुबह-शाम लें। गर्म खाना और पीने में गर्म पानी का ही सेवन करें।
औषधि : 1- 60 ग्राम सितोपलादी चूर्ण और बैद्यनाथ अभ्रक भष्म (5 ग्राम) का मिश्रण तैयार कर लें। निर्देशानुसार इसे शुद्ध घी के साथ दिन में दो बार लेना है।
2- बैद्यनाथ लक्ष्मी विलास रस नारदीय की एक गोली तीन बार गुनगुने पानी के साथ लें।
3 - कफ करतरी रस चूर्ण (पाउडर ) खांसी एवं श्वास के वेग को कम करता हेै। चूर्ण को पान के पत्ते के साथ लेना है।
4 - बैद्यनाथ च्यवनप्राश को दूध या गर्म पानी के साथ लेना चाहिए। यह इम्युनिटी सिस्टम बढ़ाने में मददगार है।
नोट : उम्र के अनुसार दवा की मात्रा का निर्धारण होता है। इसलिए चिकित्सक से सलाह अवश्य लें।