पटना/ 28.01.2019 । वैट के तहत Tax demand के निपटारे के लिए One Time Settlement योजना शीघ्र शुरू होगी । साथ ही जीएसटी शुरू होने के पहले 2017-18 की पहली तिमाही में वैट के लिए दाखिल तिमाही विवरणी को वार्षिक विवरणी माना जायेगा । बिहार बजट के पहले डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी उद्योग, व्यवसाय एवं परिवहन क्षेत्र के प्रतिनिधियों को संबोधित कर रहे थे ।
उन्होंने कहा जुलाई 2017 से सितंबर 2018 तक की विवरणी 31 मार्च 2019 तक फाइल करने पर विलंब शुल्क से छूट मिलेगी । जीएसटी प्रणाली में रजिस्ट्रेशन के लिए टर्न ओवर की सीमा 20 लाख रुपये से बढ़ाकर 40 लाख कर दी गई है।
Compounding Scheme के करदाताओं के लिए Gross Turn Over की अधिकतम सीमा भी 1 करोड़ से बढ़ा कर 1.5 करोड़ रुपये हो गई है । उन्हें तिमाही विवरणी के स्थान पर वार्षिक विवरणी फाइल करने की सुविधा मिली है । 50 लाख तक सालाना कारोबार करने वाले सेवा प्रदाता को भी इस योजना का लाभ मिलेगा । राज्य के अंदर एक पैन पर एक से अधिक निबंधन लेने का प्रावधान दिया गया है, लेकिन बिना रिर्टन फाइल किये टैक्स जमा नहीं होगा।
डिप्टी सीएम ने कहा 5 अक्टूबर 2018 से डीजल पर टैक्स 26 से घटा कर 22.20 प्रतिशत एवं पेट्रोल को 19 से घटाकर 15 प्रतिशत कर दिया गया है। बिहार में जीएसटी के अंतर्गत निबंधित 3,88,259 व्यवसायियों में 1,68,205 वैट से माइग्रेटेड एवं 220054 नये निबंधन लेने वाले हैं । बिहार में 98000 Composition एवं 289755 करदाता हैं ।
उद्योग, व्यवसाय एवं परिवहन क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने पर्यटन, भंडारण और चाय पत्ती के लिए अलग नीति बनाने, एससी-एसटी को ऋण के लिए मार्जिन मनी में राज्य सरकार से अनुदान, पेशा कर समाप्त करने, बिजली वाहन के लिए नई नीति एवं निबंधन शुल्क में 50 फीसदी रियायत देने के सुझाव दिये ।