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वैशाली में बुद्ध म्यूजियम व स्मृति स्तूप का होगा निर्माण 

पटना/06.02.219। वैशाली में भगवान बुद्ध के पवित्र अस्थि कलश को प्रदर्शित करने के लिए बुद्ध संग्रहालय व स्मृति स्तूप का निर्माण होगा। निर्माण पर 300 करोड़ राशि खर्च होगी। ये पूरी तरह पत्थर से निर्मित होंगे। जानकारी डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी ने दी। वह ज्ञान भवन में इंडियन आर्कियोलॉजिकल सोसाइटी और बिहार सरकार के कला, संस्कृति व युवा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे।  

डिप्टी सीएम ने कहा बिहार के पास धार्मिक, सांस्कृतिक, बौद्धिक और पुरातात्विक संपदा समेत महान परंपरा और विरासत है। यह लोगों को बिहार आने के लिए बाध्य कर देती है। 40 हजार से अधिक विदेशी बौद्ध श्रद्धालु प्रतिमाह बोधगया आ रहे हैं। 

सरकार ने पुरातत्व भवन व पुरातात्विक अवशेष के संरक्षण के लिए लैब निर्माण का निर्णय लिया है। साथ ही पुरातात्विक-ऐतिहासिक स्थलों को चिन्ह्ति कर पुरातात्विक एटलस का निर्माण कराया जायेगा। 15 वें वित्त आयोग से बिहार सरकार ने 417 करोड़ की मांग की है। इससे पुरातात्विक स्थलों की खुदाई, संरक्षण व संवर्धन समेत विभिन्न संग्रहालयों का निर्माण होगा। 

राज्य सरकार ने भागलपुर व नवादा के देवनगढ़ में पुरातत्व विभाग से सर्वेक्षण कराया है। देवनगढ़ में पाल कालीन मंदिर एवं कुषाण कालीन ईंट निर्मित संरचना के अवशेष मिले हैं। भागलपुर में 200 पुरास्थलों की खोज हुई है। सारण, अरवल और रोहतास में खुदाई कार्य शुरू हुआ है। साथ ही दरभंगा व पूर्णिया में पुरातात्विक सर्वेक्षण हो रहे हैं। नालंदा के तेल्हाड़ा में साइट म्यूजियम का निर्माण हो रहा है। लखीसराय की लाली पहाड़ी की खुदाई में ‘डांसिंग बुद्ध’ की मूर्ति मिली है। 

भारत सरकार ने पुरातत्वविद डाॅ डी के चक्रवर्ती, केसरिया बौद्ध स्तूप की खुदाई करने वाले डाॅ के के मोहम्मद एवं शारदा श्रीनिवासन को पद्मश्री देकर पुरातत्वविदों का सम्मान बढ़ाया है।  इस मौके पर प्रधान सचिव रवि मनुभाई परमार, पुरातत्व निदेशालय के निदेशक डॉ अतुल वर्मा समेत कई विशेषज मौजूद थे।


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