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काले धन से लड़ाई में आईआरएस अधिकारी अग्रणी सैनिक 

नई दिल्ली/08.03.19 । राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा काले धन से लड़ाई में आईआरएस अधिकारी अग्रणी सैनिक हैं। हाल के वर्षों में सरकार ने वित्तीय व्यवस्था को दुरूस्त करने के लिए कई कदम उठाए हैं। नोटबंदी, आय घोषणा योजना और बेनामी संपत्ति निषेध कानून में संशोधन जैसे कदम हमारी अर्थव्यवस्था को और पारदर्शी बनाते हैं। राष्ट्रपति भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) के 72 वें बैच के प्रशिक्षु अधिकारियों को राष्ट्रपति भवन में संबोधित कर रहे थे।

राष्ट्रपति ने कहा भारत विश्व में सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था है। आने वाले वर्षों में इसकी जीडीपी दोगुना से अधिक होने की उम्मीद है। इससे संभावनाओं का सृजन होगा। राजस्व में वृद्धि होगी और अधिकारियों की चुनौतियां बढ़ जाएंगी।

आम लोगों को आईआरएस अधिकारियों से काफी उम्मीदें रहती हैं। ये अधिकारी सरकार और नागरिकों के बीच प्रमुख कड़ी हैं। राष्ट्रपति ने अधिकारियों से कहा कि वे यह न भूलें कि आम लोगों से ही उन्हें सेवा करने की शक्ति और अधिकार मिलते हैं।
 


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