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जीएसटी जांच इकाई ने पीएंडजी को पाया दोषी 

नई दिल्ली/एजेंसी/23.04.19। जीएसटी व्यवस्था के तहत मुनाफाखोरी की जांच करने वाली इकाई ने पीएंडजी (procter & gamble) इंडिया को करीब 250 करोड़ रुपये मुनाफाखोरी करने का दोषी पाया है। कंपनी ने विभिन्न उत्पादों पर जीएसटी की दर कम होने का फायदा ग्राहकों को नहीं पहुंचाकर यह मुनाफाखोरी की। पीएंडजी वॉशिंग पाउडर, शैंपू और टूथब्रश जैसे रोजमर्रा के उपभोक्ता उत्पाद बनाने वाली कंपनी है।  

स्थायी समिति के समक्ष दर्ज शिकायत पर मुनाफाखोरी रोधी महानिदेशालय ने खातों की जांच की। 15 नवंबर 2017 से पहले और बाद के खातों की जांच की गई। जांच में पाया गया कि कई उत्पादों पर जीएसटी की दर 28 प्रतिशत से घटकर 18 प्रतिशत हो गई,  लेकिन कंपनी ने उत्पादों के दाम कम नहीं किए। डीजीएपी की रिपोर्ट में कहा गया है कि पीएंडजी ने 250 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया है। राष्ट्रीय मुनाफाखोरी रोधी प्राधिकरण अब  कंपनी का पक्ष सुनकर निर्णय देगा। 

इधर, कंपनी के प्रवक्ता ने कहा कि एक जिम्मेदार कंपनी के तौर पर पीएंडजी हमेशा जीएसटी में कटौती का लाभ ग्राहकों को पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। इस बारे में हमने विज्ञापन के माध्यम से भी सूचना दी है। जीएसटी काउंसिल ने 15 नवंबर, 2017 की बैठक के बाद 178 वस्तुओं पर जीएसटी की दर कम की थी। इनमें वाॅशिंग पाउडर, शैंपू और दांतों को स्वस्थ रखने से जुड़े विभिन्न उत्पादों पर टैक्स 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत किया गया था।
 


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