पटना/09.06.19। जीएसटी लागू होने के दूसरे वर्ष 2018-19 में बिहार के राजस्व संग्रह में 26.17 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इस अवधि में वाणिज्य-कर विभाग का राजस्व संग्रह 25,583 करोड़ रहा। इसमें पेट्रोलियम पदार्थ व अन्य करों से 772.78 करोड़ एवं जीएसटी से 24,810.22 करोड़ राजस्व प्राप्त हुआ।
डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी ने बताया कि जीएसटी लागू होने के बाद बिहार में 2,44,609 नये करदाताओं ने निबंधन कराया है। इसके पहले वैट और सर्विस टैक्स के तहत मात्र 1,63,323 करदाता निबंधित थे। कर राजस्व संग्रह में वृद्धि और नये करदाताओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि यह दर्शा रहा है कि बिहार तेजी से आर्थिक विकास के पथ पर अग्रसर है।
डिप्टी सीएम ने कहा कि राज्य में तेज आर्थिक विकास के कारण निर्माण कार्य तेजी से हो रहे हैं। 2018-19 में 4,849 करोड़ का सीमेंट और 3,368 करोड़ का आयरन स्टील अन्य राज्यों से बिकने के लिए बिहार आया। लोगों में खर्च करने की क्षमता बढ़ने का नतीजा है कि इस दौरान 4,859 करोड़ रुपये की मोटरसाइकिल, 4,179 करोड की कार और 5,524 करोड़ के मोबाइल फोन यहां बिके । 9,098 करोड़ की दवाएं और 2,944 करोड़ के ट्रैक्टर भी बिहार के बाजार में बिके।