नई दिल्ली/09.06.19। जीएसटी काउंसिल की बैठक 21 जून को होगी। बैठक में वित्त मंत्रालय कंपनी से कंपनी के बीच खरीद-फरोख्त (बी2बी) के लिए एक केंद्रीकृत सरकारी पोर्टल पर ई-इनवॉइस सृजित करने का प्रस्ताव दे सकता है। इससे 50 करोड़ रुपये या उससे अधिक कारोबार करने वाली कंपनियों को राहत मिलेगी।
मंत्रालय ई-इनवॉइस प्रणाली सितंबर से शुरू करने की योजना बना रहा है। जीएसटी की चोरी पर अंकुश लगाने के लिए यह कदम उठाने की योजना है। 21 जून की बैठक में राज्यों के साथ विमर्श कर इस पर निर्णय लिया जाएगा।
विश्लेषण से पता चलता है कि 2017-18 में 68,041 कंपनियों ने 50 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार दिखाया। इन कंपनियों का जीएसटी में योगदान 66.6 प्रतिशत रहा। जीएसटी भुगतान में ऐसी कंपनियों का हिस्सा मात्र 1.02 प्रतिशत है, लेकिन बी2बी इनवॉइस निकालने के मामले में इनकी हिस्सेदारी करीब 30 प्रतिशत है।
बड़े करदाता जिनके पास अपने सॉफ्टवेयर को एकीकृत करने की बेहतर टेक्नोलाॅजी है, उन्हें बी2बी बिक्री के लिए ई-इनवॉइस सृजित करना होगा। ई-इनवॉइस सृजित करने के साथ 50 करोड़ रुपये से अधिक के कारोबार वाली इकाइयों को जहां रिटर्न फाइल करने और इनवॉइस अपलोड करने से राहत मिलेगी, वहीं सरकार को इनवॉइस के दुरुपयोग को रोकने तथा कर चोरी पर नियंत्रण में मदद मिलेगी।