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14625 करदाताओं ने किया 85 फीसदी जीएसटी का भुगतान 

पटना/ 01.07.19। बिहार में 2018-19 में जीएसटी के अंतर्गत करीब 4 लाख करदाता निबंधित हैं। राजस्व संग्रह 26.17 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 25,583 करोड़ रहा। 85 प्रतिशत टैक्स का भुगतान 14,625 करदाताओं ने किया जबकि 94,457 कंपोजिशन डीलर से मात्र 58 करोड़ टैक्स मिला। डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी जीएसटी के दो वर्ष पूरे होने पर अधिवेशन भवन में आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे।  इस मौके पर जीएसटीआर-3 बी डिफाॅल्टर एप, जीएसटी बुकलेट एवं बिहार वित्त सेवा के अधिकारियों की सेवा पुस्तिका का भी विमोचन किया गया।   

निर्माण साम्रगियों ने दिया सर्वाधिक कर : डिप्टी सीएम ने कहा कि सीमेंट क्षेत्र से सर्वाधिक 1323 करोड़ एवं आयरन एंड स्टील से 795 करोड़ टैक्स मिला। चार पहिया वाहनों की बिक्री से 901 करोड़ एवं दो पहिया वाहनों से 691 करोड़, दवा से 519 करोड़, बिजली सामान से 400 करोड़ और टेलीफोन-मोबाइल की बिक्री से 382 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ।

राजस्व संग्रह में वृद्धि होने से केंद्र से मिलने वाली क्षतिपूर्ति राशि में लगातार कमी आ रही है। शीघ्र ही बिहार इससे बाहर निकल जायेगा। पटना के रेहान ट्रेडर्स, हाजीपुर के मनीष एवं नवीन इंटरप्राइजेज समेत 214 करोड़ राशि के करवंचना के मामले सामने आये हैं। 

करचोरी रोकने के लिए प्रयास : समय पर रिटर्न फाइल नहीं करने पर एसएमएस से सूचना भेजी जायेगी। ई-इनवाॅयस सिस्टम के पहले चरण में 50 करोड़ से अधिक टर्न ओवर वाले बीटूबी कारोबारी आयेंगे। माल वाहक वाहनों पर आरएफआईडी टैग लगाने एवं ई-वे बिल के दूरी काॅलम में पिन कोड डालने की व्यवस्था होगी। 

सर्विस सेक्टर पर भी रहेगी नजर : अधिक राजस्व के लिए विभाग ने नई टीम बनायी है जो सर्विस सेक्टर पर नजर रखेगी। टीम रियल एस्टेट, किराये या लीज पर मकान-जमीन, वर्कर्स कांट्रेक्टर, कोचिंग एवं ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट, इंश्योरेंस और टूर एंड ट्रैवल्स से मिलने वाले राजस्व को देखेगी।  

मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव, स्टेट जीएसटी आयुक्त डाॅ प्रतिमा, सेंट्रल जीएसटी आयुक्त रंजीत कुमार एवं विशेष आयुक्त संजय मावडिया ने भी अपने विचारों को रखा। इस मौके पर अपर आयुक्त अरुण मिश्रा समेत विभाग के अधिकारी मौजूद थे।   
 


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