नई दिल्ली/05.07.19। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2019-20 के बजट में जहां अमीरों पर टैक्स का बोझ बढ़ाया है, वहीं मध्यम वर्ग को थोड़ी राहत दी है । इससे पहले एक फरवरी 2019 को पेश अंतरिम बजट में सालाना पांच लाख तक आय वालों को कोई कर नहीं देने की राहत मिल चुकी है ।
आवास : 45 लाख रुपये तक के घर खरीदने पर टैक्स में 1.5 लाख की अतिरिक्त छूट दी गई है। अब आयकर छूट दो लाख से बढ़कर 3.5 लाख हो जायेगी । टैक्स छूट 31 मार्च 2020 तक लिये गये हाउसिंग लोन पर मिलेगी।
अमीरों पर बढ़ा अधिभार : 2 से 5 करोड़ रुपये वार्षिक आय वालों पर सरचार्ज में 3 प्रतिशत और 5 करोड़ रुपये से अधिक आय वालों पर सरचार्ज में 7 प्रतिशत वृद्धि की गई है।
काॅरपोरेट टैक्स : वर्तमान में 25 प्रतिशत काॅरपोरेट टैक्स उन कंपनियों पर लागू है, जिनका वार्षिक कारोबार 250 करोड़ रुपये तक है । अब इस दायरे में 400 करोड़ रुपये तक कारोबार करने वाली कंपनियां शामिल हो गई हैं । इस तरह 99.3 प्रतिशत कंपनियां 25 प्रतिशत टैक्स स्लैब में आ गयीं हैं ।
नगद निकासी पर टीडीएस : बैंक खाते से एक साल में एक करोड़ रुपये से अधिक नगद निकासी पर दो फीसदी टीडीएस कटेगा । इसके पीछे डिजिटल भुगतान को प्रोत्साहित करना है। 50 करोड़ रुपये से अधिक टर्न ओवर वाले कारोबारियों को अपने ग्राहकों को डिजिटल भुगतान की सुविधा देना है । इसके लिए कोई प्रभार अथवा मर्चेंट डिस्कांउंट रेट नहीं थोपा जाएगा ।
इलेक्ट्रिक वाहनों के लोन पर टैक्स छूट : इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद पर लिये गये लोन के ब्याज पर 1.5 लाख रुपये की अतिरिक्त आयकर छूट मिलेगी। इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए यह व्यवस्था की जा रही है। सरकार इन वाहनों पर जीएसटी 12 से 5 प्रतिशत करने का अनुरोध जीएसटी काउंसिल से पहले ही कर चुकी है।
स्टार्ट अप्स को राहत : ‘एंजल टैक्स ’ को सुलझाने के लिए शेयर प्रीमियम के मूल्यांकन के मामले में स्टार्ट-अप्स के साथ उन निवेशकों की कोई जांच नहीं होगी, जो अपने रिटर्न में आवश्यक सूचनाओं का उल्लेख करते हैं। निवेशक की पहचान के साथ धनराशि के स्रोत को ‘ई-सत्यापन’ के तहत सुलझाया जाएगा। इस तरह स्टार्ट-अप्स द्वारा जुटाई गई धनराशि की जांच आयकर विभाग नहीं करेगा। स्टार्ट-अप्स में निवेश के लिए आवासीय मकान की बिक्री से प्राप्त कैपिटल गेन छूट की अवधि 31 मार्च, 2021 तक बढ़ा दी गई है।
आधार से भी होगा आयकर रिटर्न फाइल : जिनके पास पैन कार्ड नहीं है वे अब अपने ‘आधार नंबर’ का उल्लेख कर आयकर रिटर्न दाखिल कर सकते हैं।
रिटर्न फाइल करना अनिवार्य : बजट में उन लोगों के लिए रिटर्न दाखिल करने को अनिवार्य किया गया है जिन्होंने किसी एक वर्ष में किसी चालू खाते में 1 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जमाई कराई है, जिन्होंने विदेश यात्रा पर 2 लाख रुपये से अधिक राशि खर्च की है, एक साल में बिजली खपत पर 1 लाख रुपये से अधिक रकम खर्च की है। साथ ही अधिक मूल्य के लेन-देन करने वालों को भी रिटर्न दाखिल करना होगा।
पेट्रोल-डीजल व सोना महंगा : पेट्रोल-डीजल पर 1-1 रुपये के सड़क एवं अवसंरचना उपकर और विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क लगाने का प्रस्ताव है। सोने एवं अन्य बेशकीमती धातुओं पर सीमा शुल्क 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 12.5 प्रतिशत किया गया है।
काजू, प्लास्टिक सामान, न्यूूज प्रिंट और मैग्जिन पेपर, स्टेनलेस स्टील, स्पिलिट एसी, सीसीटीवी कैमरा और ऑप्टिकल फाइबर समेत 36 वस्तुओं पर सीमा शुल्क बढ़ाया गया है।