पटना/10.07.19। बिहार के 24 फर्म ने जाली बिल के जरिये 840.92 करोड़ का कारोबार कर बड़े स्तर पर टैक्स की चोरी की है। इनमें मुख्य रूप से आयरन एंड स्टील, कोयला एवं रेडीमेड गारमेंट के कारोबारी हैं। अब ऐसे फर्म के खिलाफ वाणिज्य कर विभाग (स्टेट जीएसटी) प्राथमिकी दर्ज करने की कार्रवाई कर रहा हैं।
इन्होंने फर्जी कागजात के आधार पर रजिस्ट्रेशन कराया है। वाणिज्य कर विभाग के राजस्व संग्रहण की समीक्षा बैठक के बाद डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी ने जानकारी दी। बैठक में वाणिज्य कर आयुक्त डाॅ प्रतिमा समेत सभी विभााग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
डिप्टी सीएम ने कहा कि जिन लोगों ने रिटर्न फाइल नहीं किया है, लेकिन ई-वे बिल जेनरेट कर बाहर से माल मंगाया है। बिजनेस इंटेलिजेंस से पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। साथ ही कोचिंग संस्थान, रियल एस्टेट एवं निर्माण कार्य करने वालों पर भी विशेष नजर रखने की हिदायत दी गई है। बैठक में टाॅप टैक्सपेयर की रिटर्न फाइल की स्थिति, बकाया राजस्व के लिए अंचल स्तर पर कार्रवाई एवं वित्तीय वर्ष 2019-20 की प्रथम तिमाही में राजस्व संग्रह की समीक्षा की गई।
डिप्टी सीएम ने अधिकारियों से कहा कि 2019-20 के 29 हजार करोड़ राजस्व संग्रह लक्ष्य को हासिल करना है। इस साल 2,44,609 नये डीलरों ने जीएसटी में निबंधन कराया है। नये निबंधित डीलरों के व्यापार स्थल निरीक्षण के लिए ‘जीएसटी फिल्ड विजिट’ नाम से एक मोबाइल एप विकसित किया गया है।