नई दिल्ली/एजेंसी। सेवा कर और उत्पाद शुल्क माफी योजना के तहत करदाताओं को दी जाने वाली राहत पर अधिकृत समिति 60 दिनों में फैसला करेगी। सबका विश्वास-विरासत विवाद निपटान योजना एक सितंबर 2019 से चार महीने के लिए शुरू होगी। योजना का मकसद पुराने सेवा कर और केंद्रीय उत्पाद शुल्क के मामलों में कमी लाना है।
केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) ने कहा कि इसके तहत सभी मामलों में ब्याज और जुर्माने की पूरी छूट दी जाएगी। साथ ही इसमें अभियोजन से भी छूट मिलेगी। योजना में विवाद निपटारे के हिस्से का मकसद केंद्रीय उत्पाद एवं सेवा कर के लंबे समय से चले आ रहे मामलों को समाप्त करना है। जो जीएसटी में समाहित हो चुके हैं और विभिन्न मंचों पर मुकदमेबाजी में फंसे हैं उन्हें राहत मिल सकती है। करदाता को सिर्फ अपना बकाया कर चुकाना होगा और इससे आगे उस पर कोई कार्रवाई नहीं होगी।
योजना एक सितंबर से 31 दिसंबर, 2019 तक लागू रहेगी। सेवा कर और उत्पाद शुल्क के मुकदमों में 3.75 लाख करोड़ रुपये की राशि फंसी है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में इस योजना की घोषणा की थी।