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बिस्कुट उद्योग ने की जीएसटी 12 फीसदी करने की मांग

नई दिल्ली/एजेंसी । बिस्कुट बनाने वाली कंपनियों के संगठन आईबीएमए ने सरकार से जीएसटी की मौजूदा दर 18 प्रतिशत से घटाकर 12 प्रतिशत करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि अधिक जीएसटी के साथ मैदा जैसे कच्चे माल की कीमत बढ़ने से कंपनियों की वित्तीय स्थिति प्रभावित हो रही है। बिस्कुट उद्योग का बाजार देश में करीब 40,000 करोड़ रुपये का है।

जीएसटी काउंसिल की बैठक 20 सितंबर को गोवा में है। संगठन ने बैठक से पहले यह मांग की है। इंडियन बिस्कुट्स मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (आईबीएमए) के महासचिव केपी मोहन दास ने कहा कि लगातार मार्जिन में गिरावट से बिस्कुट उद्योग इस समय संकट में है। इसकी वजह 18 प्रतिशत की उच्च दर से जीएसटी लगाया जाना एवं मैदा, चीनी, खाद्य तेल एवं दूध जैसे कच्चे सामान के दाम में वृद्धि है। 

जीएसटी से पहले बिस्कुट उद्योग की वृद्धि दर 15 से 17 प्रतिशत तक थी। पिछले वित्त वर्ष में यह घटकर 5.6 प्रतिशत पर आ गयी। अन्य खाने-पीने के सामान से तुलना करते हुए महासचिव ने कहा कि मिठाई, सूखे मेवा और चाय जैसे सामान पर जीएसटी पांच प्रतिशत है। जूस, नमकीन, जैम एवं पास्ता जैसे उत्पादों पर भी जीएसटी 12 प्रतिशत है, लेकिन बिस्कुट पर 18 प्रतिशत की दर से जीएसटी लगाना समझ से परे है।

बिस्कुट उद्योग में करीब 70 लाख लोग कार्यरत हैं। उन्होंने कहा मार्जिन प्रभावित होने से कंपनियों की स्थिति बिगड़ी है। अगर स्थिति नहीं सुधरी, तो छंटनी करनी पड़ सकती है। 
 


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