पटना। जीएसटी काउंसिल ने दो करोड़ तक टर्नओवर वाले करदाताओं को 2017-18 एवं 2018-19 के एनुअल रिटर्न फाइल करने से छूट दी है। इससे बिहार के 4.17 लाख कारोबारियों को राहत मिलेगी। बिहार की पहल पर निर्णय का स्वागत बिहार चैंबर ऑफ काॅमर्स ने किया है।
काउंसिल ने होटल इंडस्ट्री को भी बड़ी राहत दी है। 1000 रुपये तक के कमरों पर जीएसटी नहीं लगेगा। 1001 से 7500 रुपये तक के कमरों पर जीएसटी 18 से घटाकर 12 प्रतिशत एवं 7500 रुपये से अधिक के कमरों पर 28 प्रतिशत की जगह 18 प्रतिशत कर लगेगा। आउटडोर कैटरिंग पर टैक्स 18 प्रतिशत से घटाकर पांच प्रतिशत किया गया है। नई दरें एक अक्टूबर से लागू होंगी। चैंबर ने कहा कि इससे राज्य में पर्यटन उद्योग को बढ़ावा मिलेगा।
बिहार चैंबर ऑफ काॅमर्स अध्यक्ष पीके अग्रवाल ने कहा कि राज्य में छोटे व्यवसायियों की संख्या अधिक है। छोटे करदाताओं को रिटर्न फाइल करने में दो वर्ष की छूट से उन्हें बड़ी राहत मिलेगी। इससे राज्य के आर्थिक विकास को और बल मिलेगा।
बिहार उद्योग संघ ने काॅरपोरेट टैक्स में बड़ी राहत देने के निर्णय की सराहना की है। संघ के अध्यक्ष केपीएस केशरी ने कहा कि इस घोषणा से कंपनियों को टैक्स बचत के माध्यम से होने वाले पैसे का इस्तेमाल कंपनियां अपना कर्ज चुकाने या पुनः निवेश में करेंगी। इससे बैंकिंग सिस्टम एवं बाजार में नकदी बढ़ेगी।