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जीएसटी में खामियां हो सकती हैं, लेकिन इसे कोसा नहीं जा सकता

पुणे । केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने स्वीकार किया है कि जीएसटी में कुछ खामियां हो सकती हैं, लेकिन इसे कोसा नहीं जा सकता है। उन्होंने सीए, कारोबारी एवं उद्यमियों से कहा कि वे इसे कोसना छोड़ बेहतर बनाने का सुझाव दें। 

वित्त मंत्री 11 अक्टूबर को पुणे में कारोबारी और उद्यमियों से एक संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहीं थीं। इस दौरान एक कारोबारी ने जीएसटी को कोसते हुए कहा कि इसे गुड एंड सिंपल टैक्स होना चाहिए था। 

इस पर वित्त मंत्री ने कहा कि हम जीएसटी को कोस नहीं सकते हैं। यह संसद और देश की सभी विधानसभाओं से पास हुआ है। शुरू में जीएसटी से परेशानी हुई हो, लेकिन यह अब देश का कानून है। वित्त मंत्री ने संबंधित कारोबारी को अपने सुझावों के साथ दिल्ली आने का निमंत्रण भी दिया।

सीतारमण ने कहा कि जीएसटी को सबसे बड़ा अप्रत्यक्ष कर सुधार कहा जा रहा है। इसे जुलाई, 2017 में लागू किया गया। काफी लंबे समय बाद संसद में कई दल और राज्य विधानसभाओं ने मिलकर काम किया और इस कानून को लेकर आये। 

उन्होंने कहा जीएसटी को लागू हुए सिर्फ दो साल हुए हैं। काश यह पहले दिन से ही आपको संतुष्ट कर सकता। इसमें कुछ खामियां हो सकती हैं। सभी अंशधारक जीएसटी के बेहतर अनुपालन के लिए सलाह दें। 
 


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