पटना। प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त (बिहार-झारखंड) वीरेंद्र सिंह ने सूबे के कारोबारियों से कहा कि वे राजस्व बढ़ाने में सहयोग करें। ईमानदारी पूर्वक अपना टैक्स जमा कर विकास में भागीदार बनें। विभाग और व्यवसायी एक दूसरे के पूरक हैं, विरोधी नहीं। प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त बिहार चैंबर ऑफ काॅमर्स परिसर में मौजूद कारोबारियों को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि आपकी परेशानी को दूर करने के लिए विभाग गंभीर है। बिहार-झारखंड के सभी ऑफिस में करदाताओं के साथ बैठक होगी और समस्याओं का निराकरण किया जायेगा। यह काम एक अभियान के रूप में होगा।
चैम्बर अध्यक्ष पीके अग्रवाल ने कहा कि पिछले साल की तुलना में नये करदाताओं की संख्या में करीब 10 लाख से अधिक की वृद्धि हुई है। बिहार एवं झारखंड की बड़ी कंपनियों का मुख्यालय दूसरे राज्यों होने के कारण उनके आयकर का भुगतान भी उसी राज्य में होता है । इस कारण बिहार के हिस्से का टैक्स दूसरे राज्यों में चला जाता है । गत दो वर्षों में करीब दो हजार करोड़ टैक्स बढ़ा है ।

चैंबर ने प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त को एक ज्ञापन भी सौंपा। इनमें रेक्टिफिकेशन पेटिशन का समय पर निपटारा, आयकरदाताओं को डिफेक्टिव रिटर्न की सूचना देते हुए सुधार की सुविधा, आयकर भवन में करदाताओं की सुविधा के लिए हेल्पडेस्क की व्यवस्था, टीडीएस चालान में ऑनलाईन सुधार की सुविधा एवं रिमांड रिपोर्ट को समय पर देना शामिल है।
इस अवसर पर प्रधान आयकर निदेशक संजीव दत्त, आयकर आयुक्त प्रवीण किशोर, संयुक्त आयकर आयुक्त सुमित राय के साथ अन्य वरीय पदाधिकारी भी उपस्थित थे ।
विभिन्न व्यावसायिक संगठनों ने आयकर संबंधित समस्याओं से अधिकारियों को अवगत कराया। कार्यक्रम में चैंबर के पूर्व अध्यक्ष ओपी शाह, उपाध्यक्ष एनके ठाकुर एवं मुकेश कुमार जैन, कोषाध्यक्ष विशाल टेकरीवाल समेत कई सदस्य मौजूद थे।